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विस्तृत उत्तर
सूतजी और व्यासजी का संबंध पुराणज्ञान की परंपरा से जुड़ा है। ऋषि सूतजी से कहते हैं कि उन्होंने पुराणों का ज्ञान प्राप्त करने के लिए श्रीकृष्णद्वैपायन व्यासजी की उपासना की और उनसे पुराणसंहिता प्राप्त की। इसी कारण ऋषि सूतजी को पुराण सुनाने योग्य मानते हैं और उनसे लिङ्गमाहात्म्ययुक्त दिव्य पुराणसंहिता के विषय में पूछते हैं।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 1, PDF पृष्ठ 14, श्लोक 8-12
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