पौराणिक कथाकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत क्यों उठाया आध्यात्मिक अर्थ
इंद्र यज्ञ रोककर गोवर्धन पूजा = अंधी परंपरा तोड़ना, प्रकृति सम्मान। इंद्र की प्रलयंकारी वर्षा में पर्वत उठाना = भगवान की शरण = सर्वरक्षा। आध्यात्मिक: इंद्र=अहंकार, गोवर्धन=प्रकृति/इंद्रिय पालन, कनिष्ठा उंगली=ईश्वर के लिए सब सरल।
#गोवर्धन#कृष्ण#इंद्र