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इंद्र ने सगर का यज्ञ अश्व क्यों चुराया?

संक्षिप्त उत्तर

इंद्र ने सगर का अश्व इसलिए चुराया क्योंकि सौवां अश्वमेध पूरा होने पर सगर स्वर्गाधिपति बन सकते थे।

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विस्तृत उत्तर

इंद्र ने राजा सगर का यज्ञ अश्व इसलिए चुराया क्योंकि उन्हें भय था कि यदि राजा सगर का सौवां अश्वमेध यज्ञ निर्विघ्न पूर्ण हो गया, तो वे स्वर्ग के अधिपति बन जाएंगे और इंद्र की सत्ता छिन जाएगी। इसी भय से इंद्र ने अदृश्य रूप में आकर यज्ञ का अश्व चुरा लिया और उसे पाताल की अगाध गहराई में छिपा दिया। राजा सगर के साठ हजार पुत्र उसी अश्व की खोज में पृथ्वी को खोदते हुए महातल पहुँचे।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

इंद्र ने सगर का यज्ञ अश्व क्यों चुराया को संदर्भ सहित समझें

इंद्र ने सगर का यज्ञ अश्व क्यों चुराया का सबसे सीधा सार यह है: इंद्र ने सगर का अश्व इसलिए चुराया क्योंकि सौवां अश्वमेध पूरा होने पर सगर स्वर्गाधिपति बन सकते थे।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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