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29 जुलाई 2026

29 जुलाई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

29 जुलाई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
प्रीति
करण
विष्टि
वार
बुधवार
हिन्दू मास
आषाढ़
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
19:14

आज के पर्व

गुरुVyasa Pujaआषाढ़Anvadhan

29 जुलाई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

श्रीराम को वायव्यास्त्र कैसे मिला?

श्रीराम को वायव्यास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र ने दिया था जब वे यज्ञ रक्षा के लिए उन्हें वन ले गए थे।

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

ऑनलाइन गुरु से दीक्षा लेना सही है क्या?

आदर्श नहीं, पर विकल्प। दीक्षा=व्यक्तिगत(ऊर्जा/स्पर्श=ऑनलाइन असंभव)। ऑनलाइन शिक्षा/मार्गदर्शन=स्वीकार्य। ⚠️ नकली/ठगी खतरा। औपचारिक दीक्षा=सशरीर। धीरज रखें।

बुधवार को कौन से काम शुभ?

बुधवार=बुध(बुद्धि/व्यापार)। सभी कार्य शुभ — व्यापार, दुकान, बैंक, शिक्षा, लेखन, संचार, गृहप्रवेश। कोई विशेष वर्जना नहीं।

तांत्रिक साधना में गुरु का होना क्यों अनिवार्य है?

कुलार्णव: 'गुरु बिना मंत्र नहीं।' कारण: मंत्र चैतन्य (गुरु जागृत करें), सूक्ष्म विधि (भूल=गंभीर), शक्ति हस्तांतरण (परंपरा), सुरक्षा कवच (उग्र शक्तियां), अनुभव (ग्रंथ≠अनुभव)। गुरु गीता: 'गु=अंधकार, रु=प्रकाश।'

गणेश चालीसा पढ़ने की विधि और नियम क्या हैं?

विधि: स्नान → पूर्व/उत्तर मुख → दीपक → सिंदूर, दूर्वा, मोदक → 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार → चालीसा → आरती। बुधवार/चतुर्थी विशेष। तुलसी वर्जित। 21/40 दिन निरंतर = विशेष फल। फल: विघ्न नाश, बुद्धि, सफलता।

आध्यात्मिक अनुभवों को दूसरों से साझा करना चाहिए या नहीं?

सामान्य: गोपनीय रखें। कारण: अहंकार↑, शक्ति क्षय (बीज खोलें=सूखे), उपहास/ईर्ष्या। किसे बताएँ: गुरु=अवश्य, सहसाधक=सीमित, परिवार=सावधानी। अपवाद: गुरु कहें, दूसरों को मार्गदर्शन (विनम्रता से)। कबीर: 'बोलना कहाँ बुद्धिमानी, बोले वहाँ हानि।'

श्रीराम को आग्नेयास्त्र कैसे मिला?

श्रीराम को आग्नेयास्त्र उनके गुरु महर्षि विश्वामित्र से मिला था जो उन्हें राक्षसों से यज्ञ की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए दिया गया था।

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

मंत्र जप में पुस्तक से सीखकर जप करना उचित है या गुरु से सीखें?

गुरु > पुस्तक (शक्ति transfer, उच्चारण, मार्गदर्शन)। किन्तु: 'ॐ नमः शिवाय'/गायत्री = दीक्षा अनिवार्य नहीं। बीज/तांत्रिक = गुरु अनिवार्य। 'गुरु न मिले = शुरू करें — ईश्वर = गुरु।'

दक्षिणामूर्ति शिव की उपासना का क्या महत्व है?

दक्षिणामूर्ति = शिव का परम गुरु स्वरूप। दक्षिणामूर्ति उपनिषद् (यजुर्वेद): 24 अक्षर मंत्र। शंकराचार्य स्तोत्र: अद्वैत सार, 'मोक्ष शास्त्र'। मौन गुरु — वृद्ध शिष्यों के संशय छिन्न। गुरु न मिले तो इन्हें गुरु मानें। गुरुवार/गुरु पूर्णिमा विशेष। विद्यार्थियों के लिए बुद्धि वृद्धि।

मंत्र जप में गुरु का मार्गदर्शन कैसे लें?

गुरु = सबसे महत्वपूर्ण। पहचान: शास्त्र+अनुभव, निःस्वार्थ, परंपरा, शुद्ध आचरण। कैसे: दीक्षा, नियमित संपर्क, प्रश्न, आज्ञा पालन, सेवा। न मिले: सद्ग्रंथ=गुरु, नाम जप, ईश्वर से प्रार्थना।

आधुनिक युग में गुरु कैसे ढूंढें?

गीता(4.34): ज्ञानियों के पास जाओ, प्रणाम+प्रश्न+सेवा करो। शास्त्र पहले पढ़ें, सत्संग जाएँ, कई गुरु सुनें, शास्त्र+आचरण परखें। 'शिष्य तैयार=गुरु मिलते हैं।'

दिव्यास्त्र प्राप्त करने के क्या तरीके थे?

दिव्यास्त्र तीन तरीकों से मिलते थे — देवताओं की कठोर तपस्या, देवताओं से सीधा वरदान, या द्रोणाचार्य जैसे गुरु से शिक्षा।

बुधवार को गणेश पूजा करने का क्या विशेष विधान है?

बुधवार = बुद्धि दिवस, गणेश = बुद्धि देवता। विधान: पंचामृत अभिषेक, सिंदूर, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, अथर्वशीर्ष/चालीसा, हरे मूंग प्रसाद। 21 बुधवार व्रत = मनोकामना पूर्ति। फल: बुद्धि, वाक्शक्ति, व्यापार लाभ, बुध शांति।

शिव पूजा में अमावस्या और पूर्णिमा में कौन सा दिन श्रेष्ठ है?

अमावस्या > पूर्णिमा (शिव = संहारक, अंधकार)। किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। पूर्णिमा: गुरु पूर्णिमा (शिव=आदि गुरु), श्रावण पूर्णिमा शुभ। शिव = काल से परे — कोई भी तिथि शुभ।

दत्तात्रेय मंत्र का जप गुरु कृपा के लिए कैसे करें?

दत्तात्रेय = त्रिमूर्ति अवतार, आदि गुरु। 'ॐ दत्तात्रेयाय नमः' 108। गुरुवार, दत्त जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा)। रुद्राक्ष, औदुंबर (गूलर) वृक्ष नीचे। 24 गुरु (प्रकृति)। गुरु कृपा/ज्ञान/मार्गदर्शन। महाराष्ट्र/कर्नाटक प्रचलित।

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