श्राद्ध में ब्राह्मण — पितरों के प्रतिनिधि, मंत्रोच्चार और विधि-संचालक, दान के पात्र, शुद्धि के साधक और आशीर्वाद-दाता। 'दस दिन तक एक ब्राह्मण को प्रतिदिन मिष्टान्न भोजन कराना चाहिए' — गरुड़ पुराण का आदेश।
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