विस्तृत उत्तर
हनुमान जी के 108 नामों की नामावली 'हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली' के नाम से जानी जाती है। इन नामों के जप से संकट-निवारण, भय-मुक्ति, शक्ति-प्राप्ति और मनोकामना सिद्धि होती है।
जप विधि इस प्रकार है — प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठें। दीपक और अगरबत्ती जलाएं। सिंदूर और चमेली के तेल से हनुमान जी का श्रृंगार करें। हाथ में लाल रुद्राक्ष माला या तुलसी माला लें। प्रत्येक नाम से पहले 'ॐ' और बाद में 'नमः' बोलते हुए जप करें — जैसे 'ॐ आञ्जनेयाय नमः', 'ॐ महावीराय नमः', 'ॐ हनूमते नमः' आदि।
सबसे उत्तम दिन मंगलवार और शनिवार है, क्योंकि ये हनुमान जी के विशेष दिन माने गए हैं। लगातार 11 दिन या 21 दिन जप करने से विशेष लाभ मिलता है। जप के बाद हनुमान जी को गुड़, केला या बताशा का प्रसाद अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
यह जप भय-नाश, संकट-मोचन और शत्रु-विजय के लिए विशेष प्रभावशाली माना जाता है।





