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विस्तृत उत्तर
दशवें दिन माँ कात्यायनी ने विशाल रूप धारण कर महिषासुर से भयंकर युद्ध किया।
महिषासुर ने भैंसे का रूप लेकर देवी पर आक्रमण किया, तब देवी ने तलवार से उसका वध कर डाला।
इस प्रकार महिषासुर का अंत करके देवी ने देवताओं को उनका स्वर्गलोक वापस दिलाया। चूँकि देवी ने कात्यायन ऋषि के यहाँ जन्म लिया था और उन्हीं के बताये विधान से महिषासुर का नाश किया, इसलिए वे कात्यायनी कहलाईं।
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