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विस्तृत उत्तर
सनकादि मुनियों ने निष्काम कर्मयोग से परमपद प्राप्त किया। पाठ में ब्रह्मा द्वारा सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार की उत्पत्ति बताने के तुरंत बाद कहा गया है कि ये श्रेष्ठ मुनिगण निष्काम कर्मयोग से परमपद को प्राप्त हुए। यहाँ इनके साधन के रूप में निष्काम कर्मयोग और फल के रूप में परमपद का ही स्पष्ट उल्लेख है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 5, PDF पृष्ठ 29, श्लोक 9
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