विस्तृत उत्तर
किसी भी साधना अथवा अनुष्ठान की सफलता के लिए सप्त-शुद्धि अनिवार्य बताई गई है:
- 1देश शुद्धि — स्थान की पवित्रता
- 2काल शुद्धि — उचित समय
- 3मंत्र शुद्धि — शुद्ध उच्चारण
- 4देह शुद्धि — शारीरिक स्वच्छता
- 5विचार शुद्धि
- 6इंद्रिय शुद्धि
- 7द्रव्य शुद्धि — पदार्थों की पवित्रता
इनमें 'द्रव्य शुद्धि' का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।



