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विस्तृत उत्तर
बिल्वपत्र अर्पण की शास्त्रीय दिशा के अनुसार, बेलपत्र का चिकना और स्वच्छ भाग (मुख) हमेशा ऊपर की ओर (यानी शिवलिंग को स्पर्श करते हुए) होना चाहिए। बेलपत्र का डंठल (तना) भगवान शिवलिंग की ओर न होकर, शिवलिंग से विपरीत दिशा में (साधक की ओर या जलहरी की ओर) होना चाहिए।
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