विस्तृत उत्तर
हिंदू पूजा में चंदन के मुख्यतः दो प्रकार हैं — श्वेत (सफेद) चंदन और रक्त (लाल) चंदन — और इन्हें किस देवता को और किस अवसर पर लगाएँ, यह शास्त्रों में स्पष्ट वर्णित है।
श्वेत चंदन — यह सफेद या हल्के पीले रंग का चंदन है। इसकी सुगंध शीतल और मन को शांत करने वाली होती है। श्वेत चंदन को शीतलता, सात्विकता और मानसिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। यह भगवान शिव, विष्णु और सोमवार-शुक्रवार पर विशेष रूप से लगाया जाता है। भगवान शिव को सफेद चंदन का तिलक अत्यंत प्रिय है।
रक्त (लाल) चंदन — यह गहरे लाल रंग का चंदन है जो दक्षिण भारत के विशेष वनों में पाया जाता है। यह अत्यंत दुर्लभ और पवित्र है। रक्त चंदन को ऊर्जा, शक्ति और तेज का प्रतीक माना जाता है। सूर्यदेव, माता लक्ष्मी और रविवार पर रक्त चंदन का तिलक उपयुक्त है। शाक्त परंपरा में भी रक्त चंदन का विशेष उपयोग है।
वार अनुसार — सोमवार (शिव): सफेद चंदन। रविवार (सूर्य): लाल चंदन। शुक्रवार (शुक्र/लक्ष्मी): सफेद चंदन। मंगलवार: लाल चंदन या सिंदूर। बुधवार: गोपीचंदन।
सरल नियम — सफेद चंदन शांति और भक्ति के लिए है, रक्त चंदन शक्ति और ऊर्जा के लिए।





