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मरणोपरांत आत्मा यात्रा प्रश्नोत्तरी — 240 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित मरणोपरांत आत्मा यात्रा विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 240 प्रश्न

मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तिल दान प्रेत के पाप कैसे नष्ट करता है?

तिल दान विष्णु-संबंधित पवित्र दान माना गया है, जो प्रेत के पाप नष्ट कर असुरों को दूर रखता है।

तिल दानप्रेत पापअसुर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तिल भगवान विष्णु से कैसे जुड़ा है?

तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माने गए हैं।

तिलभगवान विष्णुदान
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तिल दान का क्या महत्व है?

तिल दान प्रेत के पाप नष्ट करता है और असुर-दानवों को दूर रखता है।

तिल दानपाप नाशविष्णु
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

गोदान न होने पर आत्मा वैतरणी कैसे पार करती है?

गोदान न होने पर आत्मा रक्त और मवाद से भरी वैतरणी को कष्टपूर्वक तैरकर पार करती है।

गोदान न होनावैतरणीकष्ट
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

वैतरणी नदी के नाविक का प्रश्न क्या होता है?

वैतरणी का नाविक पूछता है कि क्या आत्मा ने पृथ्वी पर गोदान किया था।

वैतरणी नाविकगोदानयममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

गोदान आत्मा की यात्रा में कैसे मदद करता है?

गोदान आत्मा को वैतरणी नदी पार करने के लिए नौका दिलाता है।

गोदानआत्मा यात्रावैतरणी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

वैतरणी नदी पार करने के लिए गोदान क्यों जरूरी है?

गोदान होने पर आत्मा को वैतरणी पार करने के लिए नौका मिलती है।

वैतरणीगोदानयममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

वैतरणी नदी क्या है?

वैतरणी नदी यमलोक से पहले आने वाली रक्त, मवाद और अस्थियों से भरी भयंकर नदी है।

वैतरणी नदीयममार्गयमलोक
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध द्वादशी को क्यों करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध वर्जित है, इसलिए श्राद्ध अगले दिन द्वादशी को किया जाना चाहिए।

श्राद्धद्वादशीएकादशी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी श्राद्ध का दोष क्या बताया गया है?

एकादशी श्राद्ध से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों नरकगामी बताए गए हैं।

एकादशी श्राद्धदोषनरकगामी
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशी के दिन श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए?

एकादशी श्राद्ध करने से कर्ता, पितर और पुरोहित तीनों को नरकगामी बताया गया है, इसलिए श्राद्ध द्वादशी को करना चाहिए।

एकादशीश्राद्धगरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

कलियुग में मांस के स्थान पर क्या दिया जाता है?

कलियुग में मांस के स्थान पर केले या अन्य सात्त्विक द्रव्य दिए जाते हैं।

कलियुगमांस के स्थान परकेला
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

शास्त्रों में प्रेत को मांस की आवश्यकता का क्या उल्लेख है?

शास्त्रों में प्रेत के लिए मांस का उल्लेख है, पर कलियुग में उसके स्थान पर केले या सात्त्विक द्रव्य दिए जाते हैं।

प्रेतमांसकलियुग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

प्रेत को दीपदान क्यों दिया जाता है?

दीपदान ग्यारहवें और बारहवें दिन प्रेत की तृप्ति के लिए दिए जाने वाले अन्न-जल के साथ किया जाता है।

दीपदानप्रेतग्यारहवाँ दिन
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

ग्यारहवें और बारहवें दिन प्रेत क्या ग्रहण करता है?

ग्यारहवें और बारहवें दिन प्रेत अन्न, जल और दीपदान ग्रहण करता है।

ग्यारहवाँ दिनबारहवाँ दिनप्रेत
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

दसवें दिन के बाद आत्मा को अन्न और जल क्यों दिया जाता है?

दसवें दिन शरीर पूर्ण होने पर प्रेत में भूख-प्यास जागती है, इसलिए उसे अन्न और जल दिया जाता है।

दसवें दिन के बादअन्नजल
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

द्वादशाह क्या होता है?

द्वादशाह बारहवें दिन का कृत्य है, जिसमें प्रेत की तृप्ति और सपिण्डीकरण का विधान जुड़ा है।

द्वादशाहबारहवाँ दिनश्राद्ध
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

एकादशाह क्या होता है?

एकादशाह ग्यारहवें दिन का कृत्य है, जब पिण्डज शरीर पूर्ण होने के बाद प्रेत को अन्न, जल और दीपदान दिया जाता है।

एकादशाहग्यारहवाँ दिनप्रेत
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

दसवें दिन अशुद्धि का कौन सा चरण समाप्त होता है?

दसवें दिन पिण्डज शरीर पूर्ण होने पर अशुद्धि का प्रारंभिक चरण समाप्त माना जाता है।

दसवाँ दिनअशुद्धिदशगात्र
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पिण्डज शरीर से आत्मा क्या अनुभव करती है?

पिण्डज शरीर से आत्मा यममार्ग के शुभ-अशुभ फल और यातनाएँ अनुभव करती है।

पिण्डज शरीरयममार्गशुभ अशुभ फल
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पिण्डज शरीर कितने आकार का बनता है?

पिण्डज शरीर लगभग एक हाथ के आकार का बनता है।

पिण्डज शरीरआकारएक हाथ
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

दसवें दिन आत्मा में भूख-प्यास क्यों जागती है?

दसवें दिन पिण्डज शरीर पूर्ण होने पर आत्मा में तीव्र क्षुधा-पिपासा जागती है।

दसवाँ दिनभूख प्यासपिण्डज शरीर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

दसवें दिन के पिण्ड से क्या पूर्ण होता है?

दसवें दिन पिण्डज शरीर पूर्ण होता है और आत्मा में तीव्र भूख-प्यास जागती है।

दसवाँ दिनपिण्डदानपूर्ण देह
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नौवें दिन के पिण्ड से कौन सा अंग बनता है?

नौवें दिन के पिण्ड से पैर बनते हैं।

नौवाँ दिनपिण्डदानपैर

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