📖
विस्तृत उत्तर
नौवें दिन के पिण्डदान से पद, अर्थात पैरों, का निर्माण होता है। पैरों के निर्माण से शरीर को पूर्ण आकार और खड़ा होने का आधार मिलता है। यह पिण्डज शरीर के क्रमिक निर्माण का अंतिम अंग-निर्माण चरण है, जिसके बाद दसवें दिन पूर्ण देह संघटित होती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?



