📖
विस्तृत उत्तर
तिल दान प्रेत के पापों का नाश करता है। तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माने जाते हैं, इसलिए उनका दान पारलौकिक दृष्टि से पवित्र और प्रभावी माना गया है। तिल दान असुरों और दानवों को दूर रखता है तथा प्रेत की यात्रा में सहायक होता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





