ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

विष्णु प्रश्नोत्तरी — 319 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विष्णु विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 319 प्रश्न

दिव्यास्त्र

सुदर्शन चक्र क्या है?

सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु का अमोघ दिव्यास्त्र है। यह एक गोलाकार घूमने वाला अस्त्र है जो धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश का प्रतीक है।

सुदर्शन चक्रविष्णुदिव्यास्त्र
मंदिर ज्ञान

मंदिर में शालिग्राम की पूजा कैसे करें?

विष्णु स्वरूप (गंडकी नदी)। तुलसी अनिवार्य। पंचामृत स्नान → चंदन → तुलसी पत्र → 'ॐ नमो नारायणाय' 108। प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। प्रतिदिन — अपूजित न छोड़ें।

शालिग्रामपूजाकैसे
दिव्यास्त्र

वृत्रासुर को मारने का उपाय किसने बताया?

भगवान विष्णु ने बताया कि वृत्रासुर को केवल महर्षि दधीचि की अस्थियों से बने अस्त्र से ही मारा जा सकता है।

वृत्रासुरविष्णुउपाय
देव ज्ञान

विष्णु शेषनाग पर क्यों सोते?

शेष=अनंत, ब्रह्मांड आधार। क्षीरसागर=शुद्ध चेतना। योगनिद्रा=सचेत(OS background)। लक्ष्मी चरण=शक्ति सेवा। नाभि कमल→ब्रह्मा=सृष्टि विष्णु से।

विष्णुशेषनागक्षीरसागर
पूजा विधि

विष्णु पूजा कैसे करें — विधि?

तुलसी(अत्यंत प्रिय)+पीले फूल+चंदन+पंचामृत। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। विष्णु सहस्रनाम/गीता। 'ॐ जय जगदीश' आरती। एकादशी/गुरुवार। तुलसी बिना=अपूर्ण।

विष्णुपूजाविधि
माला विधि

तुलसी माला पहनने से क्या होता है?

तुलसी=विष्णुप्रिया। कृपा, पापनाश, रक्षा, शांति। 108+1, गले। शौचालय उतारें। वैष्णव विशेष।

तुलसी मालाविष्णु
दिव्यास्त्र

भगवान विष्णु ने गरुड़ को क्या वरदान दिया?

भगवान विष्णु ने गरुड़ को अमरता का वरदान दिया और उन्हें अपना दिव्य वाहन बनाया।

विष्णुगरुड़वरदान
शिव अस्त्र-शस्त्र

शिव जी के चक्र का नाम क्या था

शिव के चक्र के दो नाम मिलते हैं — 'भवरेंदु' (कुछ ग्रंथों में) और 'सुदर्शन' (अधिक प्रचलित)। पुराणों में वर्णित है कि सुदर्शन चक्र मूलतः शिव का था जो उन्होंने विष्णु को प्रदान किया।

शिव चक्रसुदर्शनभवरेंदु
मंत्र साधना

घर की सुख-शांति के लिए विष्णु मंत्र

पारिवारिक क्लेश दूर कर घर में प्रेम और शांति स्थापित करने के लिए प्रतिदिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का सपरिवार जप करना चाहिए।

सुख-शांतिविष्णुक्लेश निवारण
स्तोत्र

विष्णु सहस्रनाम के सिद्ध मंत्र

समय के अभाव में 'श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥' का तीन बार पाठ करने से पूरे विष्णु सहस्रनाम का पुण्य प्राप्त होता है।

विष्णु सहस्रनामसिद्ध श्लोकश्री राम
माला नियम

तुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?

विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।

तुलसीमालाजप
मंत्र विधि

वैजयंती माला से जप करने से क्या लाभ मिलता है?

वैजयंती = कृष्ण/विष्णु को अत्यंत प्रिय (स्वयं धारण करते)। लाभ: विष्णु कृपा, लक्ष्मी प्रसन्नता, ग्रह शांति (शनि), आत्मविश्वास, विवाह बाधा निवारण। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। शुक्रवार/सोमवार। तुलसी का शुभ विकल्प।

वैजयंतीमालाविष्णु
वैदिक स्तोत्र

पुरुष सूक्त पाठ कब और कैसे करें?

ऋग्वेद 10.90(16 मंत्र)। विष्णु पूजा/हवन/यज्ञ/गृहप्रवेश। एकादशी/गुरुवार। शुद्ध उच्चारण अनिवार्य(गलत=हानि)। गुरु से सीखें।

पुरुष सूक्तऋग्वेदविष्णु
मंदिर उत्सव

मंदिर में गरुड़ सेवा का क्या अर्थ है?

गरुड़ वाहन पर विष्णु शोभायात्रा। तिरुमला: ब्रह्मोत्सव 5वां दिन = सबसे महत्वपूर्ण। गरुड़ = मोक्ष वाहन+शक्ति+भक्ति। दर्शन = 7 जन्म पाप नाश (मान्यता)।

गरुड़ सेवाअर्थतिरुपति
विष्णु अस्त्र शस्त्र

शार्ङ्ग धनुष क्या है?

शार्ङ्ग विष्णु का दिव्य धनुष है जिसे विश्वकर्मा ने बनाया था। विष्णु के विभिन्न अवतारों के माध्यम से यह ऋचिक → परशुराम → राम → वरुण → कृष्ण तक पहुँचा।

शार्ङ्ग धनुषसारंगविष्णु
विष्णु अस्त्र शस्त्र

कौमोदकी गदा क्या है?

कौमोदकी विष्णु की दिव्य गदा है। यह भयंकर गर्जना करती है और पर्वत तक चूर कर देती है। महाभारत में अग्निदेव ने खांडव-दहन के बदले यह कृष्ण को दी। यह शक्ति और अधर्म-दमन का प्रतीक है।

कौमोदकी गदाविष्णुदिव्य गदा
दैनिक कर्म

तुलसी पूजा रोज कैसे करें?

सुबह: जल+दीपक+हल्दी/कुमकुम→3-7 परिक्रमा→'ॐ तुलस्यै नमः' 11 बार। शाम दीपक। पत्ते रविवार/एकादशी/रात न तोड़ें। तुलसी=विष्णुप्रिया।

तुलसीपूजादैनिक
मंत्र विधि

धन्वंतरि मंत्र का जप रोग मुक्ति के लिए कैसे करें?

'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये...सर्वामयविनाशनाय...नमः'। सरल: 'ॐ धन्वंतरये नमः' 108 बार। तुलसी माला, पीले वस्त्र। धनतेरस = धन्वंतरि जयंती सर्वोत्तम। फल: रोग निवारण, स्वास्थ्य। चिकित्सा + मंत्र = दोनों।

धन्वंतरिरोग मुक्तिआयुर्वेद
सृष्टि तत्त्व

शिव बीजी, ब्रह्मा बीज और विष्णु योनि कैसे हैं?

विष्णु ने कहा कि शिव बीजवान् हैं, ब्रह्मा बीज हैं और वे स्वयं योनि हैं; शिव के लिंग से निकला बीज विष्णु की योनि में गिरा।

बीजीबीजयोनि
शिवमाहात्म्य

विष्णु ने ब्रह्मा को शिव के बारे में क्या बताया?

विष्णु ने बताया कि आने वाले प्रभु आदि-अन्तरहित पार्वतीनाथ शिव हैं, जो धर्मस्वरूप, प्रचण्ड, महायोग-प्रदीपक और वरदाता हैं।

विष्णुब्रह्माशिवमाहात्म्य
ब्रह्मा-विष्णु संवाद

ब्रह्मा और विष्णु में संघर्ष क्यों हुआ?

शिव की माया से मोहित होकर ब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे की महिमा में उलझे, और समुद्र के मध्य उनके बीच संघर्ष चल रहा था।

ब्रह्माविष्णुसंघर्ष
ब्रह्मा नाम

ब्रह्मा को पद्मयोनि क्यों कहा गया?

विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि वे कमल से उतर आएँ और आज से पद्मयोनि नाम से लोक में प्रसिद्ध होंगे।

ब्रह्मापद्मयोनिनाभिकमल
उदर में लोक

ब्रह्मा ने विष्णु के भीतर क्या देखा?

ब्रह्मा ने विष्णु के उदर में वही सब लोक देखे जो विष्णु ने उनके उदर में देखे थे, पर वे भी उसका अंत नहीं पा सके।

ब्रह्माविष्णुउदर
उदर में लोक

विष्णु ने ब्रह्मा के भीतर क्या देखा?

विष्णु ने ब्रह्मा के उदर में अठारह द्वीप, समुद्र, पर्वत, चार वर्ण, सात लोक और स्थावर-जंगम सब कुछ देखा।

विष्णुब्रह्माउदर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।