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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 41 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 41 प्रश्न

लोक

भस्मासुर कथा के दो संस्करण क्यों मिलते हैं?

दो संस्करण इसलिए मिलते हैं क्योंकि भागवत में ब्रह्मचारी रूप है, जबकि लोकपरंपरा में मोहिनी रूप अधिक प्रसिद्ध हुआ।

कथा संस्करणश्रीमद्भागवतशिव पुराण
लोक

भस्मासुर कथा श्रीमद्भागवत में कहाँ आती है?

भस्मासुर यानी वृकासुर की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कन्ध, अध्याय 88 में आती है।

श्रीमद्भागवतदशम स्कन्धवृकासुर
लोक

श्रीमद्भागवत में भस्मासुर को किस रूप से मारा गया?

श्रीमद्भागवत में विष्णु जी ब्रह्मचारी रूप में वृकासुर को भ्रमित करते हैं, जिससे वह स्वयं भस्म हो जाता है।

श्रीमद्भागवतवृकासुरब्रह्मचारी
लोक

वृकासुर कौन था?

वृकासुर शकुनि नामक असुर का पुत्र था, जिसने शिव जी से विनाशकारी वरदान मांगा और अपने ही वरदान से नष्ट हुआ।

वृकासुरभस्मासुरश्रीमद्भागवत
लोक

समुद्र मंथन किस पुराण में है?

समुद्र मंथन श्रीमद्भागवत, विष्णु पुराण, अग्नि पुराण और महाभारत में वर्णित है।

समुद्र मंथन पुराणश्रीमद्भागवतविष्णु पुराण
लोक

चतुःश्लोकी भागवत कहाँ मिलती है?

यह श्रीमद्भागवत स्कंध २, अध्याय ९ में मिलती है।

चतुःश्लोकीश्रीमद्भागवतस्कंध 2
श्राद्ध दर्शन

क्या श्राद्ध में पशु हिंसा कर सकते हैं?

नहीं, श्राद्ध में पशु हिंसा पूर्णतः वर्जित है। भागवत पुराण श्राद्ध में पशु-हिंसा और मांसाहार का पूर्णतः निषेध करता है। पितर सात्त्विक हविष्यान्न अर्थात् दूध, घी, कंद-मूल से ही प्रसन्न होते हैं। पशुबलि या किसी जीव की हत्या से प्राप्त अन्न पितरों को कभी तृप्ति नहीं देता।

पशु हिंसा वर्जितअहिंसाश्रीमद्भागवत
ब्राह्मण भोजन

देव कार्य के लिए कितने ब्राह्मण होने चाहिए?

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार श्राद्ध में देव कार्य के लिए दो ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। दो युग्म अर्थात् सम संख्या है, जबकि पितृ कार्य के लिए विषम संख्या एक, तीन, पाँच होती है। ब्राह्मण भगवान के भक्त, ज्ञाननिष्ठ और योगी होने चाहिए।

देव कार्यदो ब्राह्मणश्रीमद्भागवत
लोक

श्रीमद्भागवत पुराण में महातल का क्या वर्णन है?

श्रीमद्भागवत में महातल को काद्रवेय नागों का लोक बताया गया है, जहाँ तक्षक, कालिय, कुहक और सुषेण गरुड़ से भयभीत रहते हैं।

श्रीमद्भागवतमहातलकाद्रवेय
लोक

श्रीमद्भागवत पुराण में रसातल का क्या वर्णन है?

श्रीमद्भागवत में रसातल छठा अधोलोक है जहाँ पणि, निवातकवच, कालेय और हिरण्यपुरवासी असुर रहते हैं।

श्रीमद्भागवतरसातलपणि
लोक

रसातल लोक की लंबाई और चौड़ाई कैसी है?

रसातल की लंबाई और चौड़ाई पृथ्वी के समान बताई गई है।

रसातल लंबाईरसातल चौड़ाईभूमंडल
लोक

वितल लोक विराट पुरुष के किस अंग में है?

वितल लोक विराट पुरुष की ऊरुओं यानी जांघों में स्थित बताया गया है।

विराट पुरुषवितल लोकजांघ
लोक

तलातल में प्रकाश कैसे होता है?

तलातल में नागों की फण-मणियों से दिव्य प्रकाश होता है।

तलातल प्रकाशनाग मणिबिल-स्वर्ग
स्वाहा

स्वाहा देवी कौन हैं — उनकी उत्पत्ति कैसे हुई?

श्रीमद्भागवत और शिव पुराण: आहुतियाँ देवताओं तक न पहुँचने से देवता क्षुधा-पीड़ित → ब्रह्मा जी के अनुनय पर मूल-प्रकृति के अंश से स्वाहा देवी प्रकट हुईं। स्वाहा = प्रजापति दक्ष की पुत्री, अग्निदेव की पत्नी। श्रीकृष्ण का वरदान: अग्नि की दाहिका शक्ति के रूप में देवताओं का पोषण।

स्वाहा देवीदक्ष पुत्रीअग्निदेव पत्नी
भक्ति एवं आध्यात्म

नाम संकीर्तन का आध्यात्मिक लाभ क्या है

नाम-संकीर्तन के लाभ — चित्त-शुद्धि, पाप-नाश, भक्ति-उदय और मोक्ष। भागवत 12.3.52 के अनुसार यह कलियुग में सतयुग के तप, त्रेता के यज्ञ और द्वापर की पूजा का फल देता है। देश-काल का कोई बंधन नहीं।

नाम संकीर्तनआध्यात्मिक लाभकलियुग
भक्ति एवं आध्यात्म

श्रवण कीर्तन स्मरण पादसेवन अर्चन वंदन दास्य सख्य आत्मनिवेदन

नवधा भक्ति के नौ अंग — श्रवण (कथा सुनना), कीर्तन (गान), स्मरण (स्मरण), पादसेवन (चरण-सेवा), अर्चन (पूजा), वंदन (नमस्कार), दास्य (सेवक-भाव), सख्य (मित्र-भाव), आत्मनिवेदन (पूर्ण समर्पण)। एक भी पूर्ण हो तो मोक्ष मिले।

नवधा भक्तिश्रीमद्भागवतश्रवण
भक्ति एवं आध्यात्म

भक्ति के नौ प्रकार कौन से हैं

नवधा भक्ति के नौ प्रकार हैं — श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन। यह श्रीमद्भागवत 7.5.23 में प्रह्लाद-वचन है। रामचरितमानस अरण्यकाण्ड में राम ने शबरी को अलग रूप में यही बताया।

नवधा भक्तिभक्ति के नौ प्रकारश्रीमद्भागवत

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।