विस्तृत उत्तर
वृकासुर श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कन्ध में वर्णित एक क्रूर असुर था। वह शकुनि नामक प्राचीन असुर का पुत्र बताया गया है, जो महाभारत वाले शकुनि से अलग है। वृकासुर अत्यंत महत्वाकांक्षी था और त्रिलोक पर अधिकार करना चाहता था। उसने देवर्षि नारद से पूछा कि कौन-सा देवता शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देता है। नारद ने उसे शिव जी की उपासना का मार्ग बताया। वृकासुर ने केदार क्षेत्र में घोर तपस्या की और शिव जी से ऐसा वर मांगा कि जिसके सिर पर वह हाथ रखे, वह भस्म हो जाए। इसी कारण वह भस्मासुर नाम से प्रसिद्ध हुआ।
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