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कर्म फल प्रश्नोत्तरी — 14 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कर्म फल विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 14 प्रश्न

भक्ति एवं आध्यात्म

अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है धार्मिक उत्तर

हिंदू धर्म के अनुसार अच्छे लोगों को बुरा इसलिए होता है क्योंकि वे अपने पूर्व जन्मों के प्रारब्ध कर्मों का फल भोग रहे होते हैं। वर्तमान में किया अच्छा कर्म भविष्य को सुधारता है। कभी-कभी कठिनाई भगवान की परीक्षा और परिष्कार का माध्यम भी होती है।

अच्छे लोगकर्म फलधार्मिक उत्तर
लोक

आग लगाने वाला या विष देने वाला पिशाच क्यों बनता है?

आग लगाना, विष देना और निरर्थक हिंसा तीव्र क्रूरता है; ऐसे कर्म पिशाच योनि का कारण बनते हैं।

अग्निदाहकविष देनापिशाच योनि
लोक

झूठी गवाही देने वाले को पिशाच योनि क्यों मिलती है?

झूठी गवाही निर्दोष को दंड दिलाती है और न्याय का नाश करती है, इसलिए ऐसा जीव पिशाच योनि पाता है।

झूठी गवाहीपिशाच योनिविश्वासघात
लोक

छल-कपट से धन कमाने वाला पिशाच क्यों बनता है?

छल-कपट से जीविका चलाने और दूसरों का धन हरने वाला पिशाच योनि पाता है, विशेषकर असहायों की संपत्ति छीनने पर।

छल कपटपिशाच योनिधन हरण
लोक

माता-पिता का अपमान करने वाले को क्या फल मिलता है?

माता-पिता और गुरुजनों का तिरस्कार करने वाला कालसूत्र नरक की यातना और आगे प्रेत योनि जैसी गति पा सकता है।

माता पिता अपमानकालसूत्र नरकप्रेत योनि
लोक

महापातक करने वाला प्रेत क्यों बनता है?

महापातक करने वाला जीव पहले नरक यातना भोगता है और फिर तामसिक कर्मों के कारण प्रेत योनि में आता है।

महापातकप्रेत योनिनरक
लोक

रौरव नरक में कौन सा दंड मिलता है?

रौरव नरक में पीड़ित जीव रुरु बनकर पापी को नोचते हैं, क्योंकि उसने स्वार्थ से जीवों को कष्ट दिया था।

रौरव नरकनरक दंडरुरु
लोक

यातना-देह नष्ट क्यों नहीं होती?

यातना-देह इसलिए नष्ट नहीं होती क्योंकि वह नरक के कष्ट भोगने के लिए बनी है; आग और शस्त्र उसे समाप्त नहीं करते।

यातना देहनरक यातनासूक्ष्म शरीर
लोक

मृत्यु के बाद आत्मा यमलोक क्यों जाती है?

आत्मा मृत्यु के बाद अपने कर्मों का न्याय और फल प्राप्त करने के लिए यमलोक जाती है।

मृत्यु के बादआत्मायमलोक
लोक

यमलोक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

यमलोक का उद्देश्य हर जीव के कर्मों का निष्पक्ष मूल्यांकन करके उसके अनुसार न्याय और दंड या फल देना है।

यमलोक उद्देश्यकर्म न्यायधर्मराज
लोक

यमलोक को पौराणिक ब्रह्मांड विज्ञान में कैसे समझाया गया है?

पौराणिक ब्रह्मांड विज्ञान में यमलोक कर्म-फल, न्याय और यातना-देह द्वारा कर्म-शोधन का निश्चित पारलौकिक आयाम है।

यमलोकपौराणिक ब्रह्मांड विज्ञानकर्म फल
लोक

वितल लोक पुण्य का फल है या पाप का दंड?

वितल लोक पाप का दंड नहीं है; यह सकाम पुण्य और भौतिक इच्छाओं का भोग-स्थान है।

वितल पुण्यपाप दंडकर्म फल
लोक

सकाम कर्म करने वाले लोग वितल लोक क्यों जाते हैं?

सकाम कर्मी पुण्य के कारण नरक नहीं जाते, पर भौतिक इच्छाओं के कारण वितल जैसे भोग-लोकों में जाते हैं।

सकाम कर्मवितल लोकभोग लोक
नवग्रह परिचय

ज्योतिष शास्त्र में 'ग्रह' शब्द का क्या अर्थ है?

ज्योतिष शास्त्र में 'ग्रह' का अर्थ केवल planet नहीं बल्कि 'जो ग्रहण करे या पकड़े' है — ये दिव्य सत्ताएं प्रत्येक जीव के कर्मों को पकड़कर उचित फल देती हैं।

ग्रह शब्द अर्थग्रहण करनाकर्म फल

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।