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जल अर्पण — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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दैनिक कर्म

सूर्य को जल देने की विधि और मंत्र क्या है

तांबे के लोटे में जल + लाल फूल + लाल चन्दन + कुमकुम + अक्षत। सूर्योदय के समय पूर्व दिशा में मुख कर 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' बोलते हुए जल अर्पित करें। गायत्री मंत्र भी जप सकते हैं। नियमित समय पर करें, बासी जल न चढ़ाएँ।

सूर्य अर्घ्यजल अर्पणसूर्य मंत्र
पूजा विधि

पूजा में जल कैसे अर्पित करें?

जल अर्पण: तीन रूप — पाद्य (चरण धुलाई), अर्घ्य (हाथ धुलाई), आचमन (पेय)। विधि: तांबे पात्र में जल, दाहिने हाथ से, 'इदं पाद्यं/अर्घ्यं समर्पयामि' बोलते हुए। सूर्य: प्रातः पूर्व मुख, पतली धारा, गायत्री मंत्र।

जल अर्पणविधिमंत्र
पूजा विधि

पूजा में जल अर्पण कैसे करें?

जल अर्पण विधि: तांबे के पात्र में जल + एक बूँद गंगाजल। दोनों हाथों से चरणों में अर्पित करते हुए 'इदं पाद्यं समर्पयामि'। सूर्य अर्घ्य: प्रातः पूर्व मुख, पतली धारा, गायत्री मंत्र। शालिग्राम पर पतली धारा — बहुत जल नहीं।

जल अर्पणविधितांबा
पूजा रहस्य

पूजा में जल क्यों अर्पित किया जाता है?

जल क्यों: पंचतत्व में जल का अर्पण। आचमन = शुद्धि; पाद्य = चरण प्रक्षालन; अर्घ्य = सम्मान। ऋग्वेद: 'जल कल्याणकारी है।' प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पण — कृतज्ञता। तांबे के पात्र से 'इदं पाद्यं समर्पयामि' बोलते हुए।

जल अर्पणअर्घ्यजल तत्व

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।