ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

योग सिद्धि प्रश्नोत्तरी — 12 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित योग सिद्धि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 12 प्रश्न

औपसर्गिक ऐश्वर्य

मानस गुण क्या हैं?

इच्छित वस्तु की प्राप्ति, जहाँ चाहें जाना, गुप्त पदार्थ देखना, इच्छानुसार रूप धारण करना और जगत देखना मानस गुण हैं।

मानस गुणइच्छित वस्तुरूप धारण
औपसर्गिक ऐश्वर्य

वायु संबंधी ऐश्वर्य क्या है?

मन की गति पाना, दूसरों के अन्तर्मन में निवास, हल्का-भारी होना, वायु पकड़ना और आकाश तत्त्व से देह धारण करना वायु ऐश्वर्य है।

वायु ऐश्वर्यमन की गतिहल्का भारी
औपसर्गिक ऐश्वर्य

तैजस ऐश्वर्य क्या है?

देह से अग्नि बनाना, अग्नि से निर्भय रहना, जल में अग्नि रखना, हाथ से आग पकड़ना और भस्म वस्तु को पूर्ववत करना तैजस ऐश्वर्य में आता है।

तैजस ऐश्वर्यअग्निआग पकड़ना
औपसर्गिक ऐश्वर्य

जल संबंधी ऐश्वर्य क्या है?

जल में निवास, जल से बाहर आने की शक्ति, समुद्र पान, जल दर्शन, रसयुक्त भक्षण और जलपिण्ड धारण जैसे गुण जल संबंधी ऐश्वर्य हैं।

जल ऐश्वर्यआप्य ऐश्वर्यसमुद्र पान
औपसर्गिक ऐश्वर्य

पार्थिव ऐश्वर्य क्या है?

शरीर की स्थूलता, ह्रस्वता, बालकपन, वृद्धता, यौवन, अनेक रूप, विशेष देहधारण और सुगन्ध ये पार्थिव गुण बताए गए हैं।

पार्थिव ऐश्वर्यशरीर परिवर्तनस्थूलता
उपसर्ग और सिद्धियाँ

वार्ता सिद्धि क्या है?

बुद्धि से दिव्य गन्धों का गन्धतन्मात्रा रूप में यथार्थ अनुभव करना वार्ता सिद्धि है।

वार्ता सिद्धिदिव्य गन्धगन्धतन्मात्रा
उपसर्ग और सिद्धियाँ

आस्वाद सिद्धि क्या है?

दिव्य रसों का सहज और यथार्थ ज्ञान होना आस्वाद सिद्धि है।

आस्वाद सिद्धिदिव्य रसरस ज्ञान
उपसर्ग और सिद्धियाँ

दर्शना सिद्धि क्या है?

बिना प्रयास दिव्य रूपों का नेत्रेन्द्रिय से दिखाई पड़ना दर्शना सिद्धि है।

दर्शना सिद्धिदिव्य रूपनेत्रेन्द्रिय
उपसर्ग और सिद्धियाँ

वेदना सिद्धि क्या है?

स्पर्श की अनुभूति को वेदना सिद्धि कहा गया है।

वेदना सिद्धिस्पर्शअनुभूति
उपसर्ग और सिद्धियाँ

श्रवणा सिद्धि क्या है?

बिना प्रयास सभी शब्द, स्वर और गुह्य ध्वनि सुनकर उनका यथार्थ ज्ञान होना श्रवणा सिद्धि है।

श्रवणा सिद्धिशब्द ज्ञानस्वर
उपसर्ग और सिद्धियाँ

प्रतिभा सिद्धि क्या है?

भूत, भविष्य, सूक्ष्म, अदृष्ट, दूरस्थ और समीप पदार्थों का ज्ञान देने वाली वृत्ति प्रतिभा सिद्धि कही गई है।

प्रतिभा सिद्धिभूत भविष्य ज्ञानसूक्ष्म ज्ञान
उपासना का फल

नंदीशेनेश्वर शिवलिंग के दर्शन और दान के क्या फायदे (फल) हैं?

इसके दर्शन और अभिषेक मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक मृत्यु के पश्चात 'शिवलोक' प्राप्त करता है। पूजा के बाद गोदान या अन्न-दान करने से योग-साधना निर्विघ्न पूर्ण होती है।

शिवलोक प्राप्तिदान विधानपाप नाश

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।