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विष्णु भक्त प्रश्नोत्तरी — 13 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विष्णु भक्त विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13 प्रश्न

लोक

अम्बरीष भगवान विष्णु भक्त

अम्बरीष भगवान विष्णु के पूर्ण समर्पित और निष्काम भक्त थे।

अम्बरीषविष्णु भक्तभक्ति
लोक

भागवत पुराण राजा अम्बरीष

भागवत पुराण में अम्बरीष को भगवान विष्णु का आदर्श भक्त बताया गया है।

भागवत पुराणराजा अम्बरीषविष्णु भक्त
लोक

राजा अम्बरीष की भक्ति

अम्बरीष की भक्ति पूर्ण आत्मनिवेदन और भगवान की सेवा में लगी हुई थी।

अम्बरीष भक्तिविष्णु भक्तनवधा भक्ति
लोक

राजा अम्बरीष और दुर्वासा ऋषि

इस कथा में दुर्वासा का क्रोध और अम्बरीष की क्षमा आमने-सामने आती है।

राजा अम्बरीषदुर्वासा ऋषिसुदर्शन
लोक

राजा अम्बरीष कौन थे

राजा अम्बरीष भगवान विष्णु के परम भक्त और महान चक्रवर्ती राजा थे।

राजा अम्बरीषश्रीमद्भागवतविष्णु भक्त
लोक

तुलसी माता कौन हैं?

तुलसी माता देवी वृंदा का पवित्र रूप हैं।

तुलसी मातावृंदाविष्णु भक्त
लोक

वृंदा किसकी भक्त थी?

वृंदा भगवान विष्णु की परम भक्त थी।

वृंदा भक्तिविष्णु भक्ततुलसी
लोक

शुकदेव जी ने शिव भक्त और विष्णु भक्त का अंतर कैसे समझाया?

शुकदेव जी ने बताया कि शिव सकाम भक्तों को शीघ्र भौतिक वरदान देते हैं, जबकि विष्णु भक्त को मोक्ष के लिए आसक्ति से मुक्त करते हैं।

शुकदेवशिव भक्तविष्णु भक्त
लोक

विष्णु भक्त निर्धन क्यों दिखते हैं?

भागवत के अनुसार विष्णु अपने विशेष भक्त की आसक्ति काटने के लिए कभी-कभी उसका धन हरण कर लेते हैं।

विष्णु भक्तनिर्धनताभक्ति
पौराणिक कथा

महाराज पुरुरवा कौन थे?

महाराज पुरुरवा एक चन्द्रवंशी सम्राट थे, जो अत्यंत धर्मपरायण और विष्णु भक्त थे। विष्णु पुराण के तृतीय अंश में उनका प्रसंग वर्णित है। उन्होंने अपने पितरों की आकांक्षा को पूर्ण कर विधिपूर्वक श्राद्ध संपन्न कर उन्हें परम तृप्ति प्रदान की, और परिणामस्वरूप पितरों के आशीर्वाद से अकूत ऐश्वर्य, धर्म और अंततः मोक्ष प्राप्त किया।

महाराज पुरुरवाचन्द्रवंशी सम्राटविष्णु भक्त
लोक

विष्णु भक्तों को यमदूत क्यों नहीं ले जाते?

विष्णु भक्तों पर यमराज का अधिकार नहीं होता; उन्हें यमदूत नहीं, विष्णुदूत सीधे वैकुण्ठ ले जाते हैं।

विष्णु भक्तयमदूतवैष्णव
लोक

यमराज वैष्णव भक्तों पर अधिकार क्यों नहीं रखते?

वैष्णव भक्त अपने कर्म भगवान विष्णु को अर्पित करते हैं, इसलिए उन पर यमराज का अधिकार नहीं होता और विष्णुदूत उन्हें वैकुण्ठ ले जाते हैं।

यमराजवैष्णव भक्तविष्णु भक्त
धातुओं का दिव्य उद्गम

ताम्र (तांबा) की उत्पत्ति कैसे हुई?

विष्णु भक्त दैत्य गुडाकेश के शरीर के अंश भगवान की कृपा से ताम्र धातु में परिवर्तित हुए और वरदान मिला कि यह धातु पूजा में सदैव प्रयुक्त होगी — इसीलिए ताम्र परम पवित्र माना जाता है।

ताम्र उत्पत्तिगुडाकेशविष्णु भक्त

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।