मंत्र साधनाकृष्ण के 'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय' मंत्र की जप संख्यायह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।#कृष्ण#क्लीं#गोविंद
पूजा विधि एवं कर्मकांडकृष्ण जी का सबसे प्रभावी मंत्र कौन सा हैकृष्ण के सर्वप्रभावी मंत्र — महामंत्र 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण...' (कलिसंतरणोपनिषद्), नित्य जप के लिए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' (द्वादशाक्षरी), और संकट में 'हे कृष्ण द्वारकावासिन्...' का 108 बार जप।#कृष्ण मंत्र#हरे कृष्ण मंत्र#गोविंद मंत्र
नाम महिमा एवं भक्तिकृष्ण नाम जपने से क्या विशेष लाभ हैकृष्ण नाम कलियुग का विशेष उपहार है। कलिसंतरणोपनिषद् का हरे कृष्ण महामंत्र कलियुग की सर्वोत्तम साधना है। कृष्ण आनंदस्वरूप हैं, अतः उनका नाम मन में दिव्य आनंद का प्रवाह लाता है। पद्मपुराण में इसके जप से गोलोक की प्राप्ति बताई गई है।#कृष्ण नाम#कृष्ण नाम जप#नाम महिमा
कृष्ण भक्तिकृष्ण नाम जप के लिए तुलसी माला क्यों प्रयोग करते हैं?पद्म पुराण: तुलसी = वृन्दा, विष्णु को सर्वाधिक प्रिय। 'बिना तुलसी पूजा अपूर्ण।' शुद्धता, विशेष ऊर्जा, गौड़ीय: कंठी = शरणागति। स्कंद पुराण: 'तुलसी माला = मंत्र सिद्धि।' कृष्ण/विष्णु = तुलसी। शिव = रुद्राक्ष। गणेश = तुलसी वर्जित।#तुलसी#माला#कृष्ण
मंत्र साधनामानसिक शांति के लिए कृष्ण मंत्रअत्यधिक तनाव और बेचैनी दूर कर असीम मानसिक शांति पाने के लिए 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' या क्लेशनाशक श्लोक 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये...' का मानसिक स्मरण करना सर्वोत्तम है।#मानसिक शांति#कृष्ण#क्लेश नाश
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्रसंतान सुख में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए पति-पत्नी को मिलकर बाल गोपाल के सम्मुख 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से सवा लाख जप करना चाहिए।#संतान प्राप्ति#संतान गोपाल#कृष्ण
दोष निवारणघर की कलह दूर करने का मंत्रपरिवार में शांति और प्रेम स्थापित करने के लिए क्लेशनाशक मंत्र 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥' का प्रतिदिन पाठ करना सर्वोत्तम उपाय है।#पारिवारिक कलह#शांति#कृष्ण
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र विधिसंतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी को बाल गोपाल की प्रतिमा के समक्ष 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से संकल्पित जप करना चाहिए।#संतान#गोपाल मंत्र#कृष्ण
कृष्ण भक्तिहरे कृष्ण मंत्र माला से करना जरूरी है या बिना माला भी कर सकते हैं?दोनों। माला: तुलसी 108, 16 माला/दिन। बिना: कीर्तन/नाचते/गाते/चलते = चैतन्य। कहीं भी, कोई नियम नहीं। माला = अनुशासन, बिना = स्वतंत्र। दोनों = कृष्ण प्रिय।#हरे कृष्ण#माला#बिना
मंत्र विधिवैजयंती माला से जप करने से क्या लाभ मिलता है?वैजयंती = कृष्ण/विष्णु को अत्यंत प्रिय (स्वयं धारण करते)। लाभ: विष्णु कृपा, लक्ष्मी प्रसन्नता, ग्रह शांति (शनि), आत्मविश्वास, विवाह बाधा निवारण। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। शुक्रवार/सोमवार। तुलसी का शुभ विकल्प।#वैजयंती#माला#विष्णु
कृष्ण भक्तिगोपाल मंत्र का जप कृष्ण भक्ति के लिए कैसे करें?गोपाल तापनी: 'क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा'। द्वादशाक्षर: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। तुलसी माला, माखन-मिश्री, एकादशी/जन्माष्टमी। संतान गोपाल = संतान हेतु। कृष्ण = गो (ज्ञान) + पाल (रक्षक)।#गोपाल#कृष्ण#मंत्र
श्री कृष्णसंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जप कैसे करेंसंतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का सवा लाख जप और हरिवंश पुराण का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।#संतान#गोपाल मंत्र#हरिवंश पुराण
मंत्र एवं उपासनाहरे राम हरे कृष्ण महामंत्र की उत्पत्ति कैसे हुईहरे कृष्ण महामंत्र का स्रोत 'कलि-संतरण उपनिषद' है। इसमें ब्रह्माजी ने नारद को बताया कि कलियुग में 16 नामों का यह महामंत्र ही एकमात्र उपाय है। 15वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने इसे जन-जन तक पहुँचाया।#हरे कृष्ण#महामंत्र#कलि-संतरण उपनिषद
मंत्र जप एवं साधनाकृष्ण के 108 नामों का जप कैसे करेंएकादशी या बुधवार को पीले वस्त्र पहनकर तुलसी माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। तुलसी पत्र और माखन-मिश्री अर्पित करें। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' से जप आरंभ करें।#कृष्ण 108 नाम#जप विधि#कृष्ण पूजा
मंत्रहरे कृष्ण महामंत्र के 16 शब्दों का अर्थ16 शब्द: हरे (ईश्वरीय शक्ति/राधा), कृष्ण (सर्वाकर्षक भगवान), राम (आनंददायक)। अर्थ: 'हे ईश्वरीय शक्ति, हे कृष्ण, हे राम — मुझे अपनी शरण/सेवा में लो।' कलिसंतरण उपनिषद: कलियुग में इन 16 नामों से मोक्ष। चैतन्य महाप्रभु ने जन-जन तक पहुंचाया।#हरे कृष्ण#महामंत्र#16 शब्द
मंत्र एवं साधनागोपाल मंत्र की सिद्धि कैसे होती है?गोपाल मंत्र की सिद्धि के लिए एक लाख जप पूर्ण करने का विधान है। स्फटिक या रुद्राक्ष माला से ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार और एकाग्रता के साथ जप करें। जप पूर्ण होने पर दशांश हवन और ब्राह्मण भोजन का विधान है।#गोपाल मंत्र#संतान गोपाल#मंत्र सिद्धि
कृष्ण भक्तिकृष्ण गायत्री मंत्र का जप कब करना चाहिए?'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्'। कब: प्रातः, जन्माष्टमी, एकादशी, कार्तिक। तुलसी माला, पीले वस्त्र, 108। गोपाल तापनी: 'कृष्ण = परब्रह्म'।#कृष्ण गायत्री#मंत्र#भक्ति