ध्यान साधनाध्यान से आध्यात्मिक जागरण कैसे होता है?
ध्यान से आध्यात्मिक जागरण — चित्त-शुद्धि → कुंडलिनी-जागरण (मूलाधार से सहस्रार) → समाधि के क्रम से होता है। मुण्डकोपनिषद (2/2/8) — ब्रह्म-दर्शन से हृदय-ग्रंथि टूटती है, संशय और कर्म नष्ट होते हैं। गीता (6/20-21) — आत्मा का आत्मा से साक्षात्कार ही जागरण है।
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