विस्तृत उत्तर
नाग गायत्री मंत्रों का सरल अर्थ है:
हम सर्पराज/नागराज/नवनाग-कुल को जानते हैं, हम उनका ध्यान करते हैं। वे सर्प (वासुकि/अनंत) हमारी चेतना को (ज्ञान और शांति की ओर) प्रेरित करें।
आगमिक परंपरा में गायत्री मंत्रों का प्रयोग चेतना को जाग्रत करने और देवता की शक्ति को साधक के भीतर प्रतिष्ठित करने के लिए किया जाता है। बीज मंत्र तांत्रिक साधना के मूल और देवता की सूक्ष्म-शक्ति के केंद्र होते हैं।





