श्रीमद्भागवतभागवत कथा तीर्थों से श्रेष्ठ क्यों है?कहा गया है कि गंगा, गया, काशी, पुष्कर और प्रयाग भी फल की दृष्टि से भागवत कथा की बराबरी नहीं कर सकते।#भागवत कथा#तीर्थ#गंगा
श्रीमद्भागवतभागवत कथा से पाप मिटते हैं?भागवत कथा, पाठ, श्रवण, दर्शन और सेवन को पाप नष्ट करने वाला बताया गया है।#भागवत कथा#पाप नाश#श्रवण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा कहाँ करें?सनकादि नारदजी को हरिद्वार के पास आनंद नामक गंगातट पर भागवत कथा करने को कहते हैं।#भागवत कथा#हरिद्वार#गंगा तट
श्रीमद्भागवतभक्ति ज्ञान और वैराग्य कैसे बढ़ते हैं?भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की समस्या उठती है और समाधान का मार्ग श्रीमद्भागवत, भक्ति और भगवान के आश्रय की ओर जाता है।#भक्ति#ज्ञान#वैराग्य
श्रीमद्भागवतभागवत कथा को अमृत से श्रेष्ठ क्यों कहा गया है?कथा में देवताओं का अमृत भी भागवत-कथामृत के सामने कम माना गया, क्योंकि भागवत भक्ति और परम फल देने वाली है।#भागवत कथा#अमृत#शुकदेव
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह करने से क्या होता है?सप्ताह-विधि से भागवत सुनने को मुक्ति देने वाला बताया गया है।#भागवत सप्ताह#सप्ताह श्रवण#मुक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत कथा मन को कैसे शुद्ध करती है?सूतजी के अनुसार मन की शुद्धि के लिये श्रीमद्भागवत से श्रेष्ठ कोई साधन नहीं है।#मन की शुद्धि#भागवत कथा#भक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत कथा सुनने के क्या लाभ हैं?भागवत कथा को पवित्र करने वाली, कृष्ण-प्राप्ति कराने वाली, भक्ति बढ़ाने वाली और वैकुंठफलदायक कहा गया है।#भागवत कथा#श्रवण#भक्ति
श्रीमद्भागवतकलियुग में भगवान कृष्ण को कैसे प्रसन्न करें?श्रीमद्भागवत को भगवान कृष्ण की प्रसन्नता और भक्ति-वृद्धि का साधन कहा गया है।#भगवान कृष्ण#कलियुग#भागवत कथा
लोकराजा अम्बरीष भागवत कथाभागवत में अम्बरीष कथा भक्त-रक्षा और वैष्णव अपराध का महान प्रसंग है।#भागवत कथा#राजा अम्बरीष#नवम स्कंध
लोकअम्बरीष दुर्वासा कथाअम्बरीष-दुर्वासा कथा भक्त की महिमा और वैष्णव अपराध के फल को बताती है।#अम्बरीष#दुर्वासा#सुदर्शन चक्र
लोकअष्टमी श्राद्ध में भागवत कथा का क्या महत्व है?भागवत श्रवण प्रेत मुक्ति देता है।#भागवत कथा#धुन्धुकारी#पितृ मुक्ति
लोकसात गांठों वाले बांस का धुन्धुकारी कथा में क्या महत्व है?धुन्धुकारी का प्रेत सात गांठों वाले बांस में था; भागवत कथा से रोज एक गांठ फटी और सातवें दिन उसे मुक्ति मिली।#सात गांठों वाला बांस#धुन्धुकारी#भागवत कथा
लोकभागवत कथा से धुन्धुकारी को मुक्ति कैसे मिली?गोकर्ण के सात दिन के भागवत पारायण से बांस की सात गांठें फटीं और धुन्धुकारी प्रेत योनि से मुक्त होकर वैकुंठ गया।#भागवत कथा#धुन्धुकारी#प्रेत मुक्ति
लोकधुन्धुकारी को गया श्राद्ध से मुक्ति क्यों नहीं मिली?धुन्धुकारी के पाप अत्यंत भयंकर थे, इसलिए गया श्राद्ध से मुक्ति नहीं मिली; उसे भागवत श्रवण से मुक्ति मिली।#धुन्धुकारी#गया श्राद्ध#प्रेत मुक्ति
लोकधुन्धुकारी प्रेत कैसे बना?धुन्धुकारी अपने घोर पापों और हिंसक अकाल मृत्यु के कारण भयंकर प्रेत बना।#धुन्धुकारी प्रेत#प्रेत योनि#भागवत कथा
कथा एवं श्रवणश्रीमद भागवत कथा सुनने के नियमभागवत कथा सुनने का कोई कठोर तिथि-नियम नहीं है, इसे कभी भी सुना जा सकता है। श्रद्धा, एकाग्र मन, सात्विकता और ब्रह्मचर्य का पालन मुख्य नियम हैं। केवल सुनना नहीं, बल्कि सुनी बात पर मनन करना और आचरण में उतारना भी आवश्यक है।#भागवत कथा#श्रवण नियम#सप्ताह यज्ञ