विस्तृत उत्तर
अम्बरीष-दुर्वासा कथा श्रीमद्भागवत का प्रसिद्ध प्रसंग है। राजा अम्बरीष ने एक वर्ष तक एकादशी व्रत किया और द्वादशी के दिन पारण करना था। उसी समय दुर्वासा ऋषि अतिथि बनकर आए और स्नान के लिए यमुना चले गए। समय निकलता देखकर राजा ने केवल जल का आचमन किया, ताकि व्रत भी न टूटे और अतिथि-असम्मान भी न हो। दुर्वासा ने इसे अपमान समझकर कृत्या उत्पन्न की। सुदर्शन चक्र ने कृत्या को भस्म किया और दुर्वासा का पीछा किया। ब्रह्मा, शिव और विष्णु तक ने कहा कि मुक्ति अम्बरीष की क्षमा से ही होगी।
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