ब्रह्मदंड ब्रह्मा का दिव्य दंड है जो किसी भी अस्त्र को निष्प्रभावी कर देता है। वशिष्ठ के पास यह था — जब विश्वामित्र ने सेना से आक्रमण किया तब वशिष्ठ ने ब्रह्मदंड से सब कुछ निगल लिया।
नैमित्तिक प्रलय में ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में संवर्तक अग्नि से स्वर्लोक भी भस्म हो जाता है। तब स्वर्लोक के निवासी महर्लोक या जनलोक चले जाते हैं।