विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में ऐसे कई मंत्र हैं जो मन की एकाग्रता बढ़ाते हैं और स्मरणशक्ति को सुदृढ़ करने में सहायक माने गए हैं। इन मंत्रों का लाभ नियमित जप से होता है।
सरस्वती का सिद्ध मंत्र — 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सरस्वती बुद्धिजन्यै नमः' — यह देवी सरस्वती से बौद्धिक शक्ति और स्मरण-क्षमता बढ़ाने की प्रार्थना है। इसे प्रतिदिन 108 बार जपना लाभकारी बताया गया है।
गायत्री मंत्र — 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्' — गायत्री मंत्र बुद्धि, मेधाशक्ति और मन की शुद्धि के लिए सर्वोत्तम माना गया है। शास्त्रों में इसे 'मेधावी मंत्र' भी कहा गया है।
बृहस्पति मंत्र — 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' — ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति ज्ञान और बुद्धि का कारक ग्रह है। इस मंत्र के जप से बुद्धि की वृद्धि होती है।
मेधासूक्त में माँ सरस्वती का एक प्रार्थना श्लोक भी है — 'देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥' — यह सभी प्रकार की विद्या और ज्ञान की देवी का वंदन है।
इन मंत्रों के साथ यह भी जरूरी है कि बच्चे सुबह ताजे मन से पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और शांत वातावरण में अभ्यास करें। मंत्र एकाग्रता और सकारात्मक भाव बढ़ाते हैं।




