विस्तृत उत्तर
कमल का फूल सनातन परंपरा में सर्वाधिक पवित्र और शुभ पुष्पों में से एक माना गया है। यह मुख्यतः माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है — माता स्वयं कमल पर विराजती हैं और उन्हें कमलासना कहा जाता है। लाल या गुलाबी कमल माता लक्ष्मी को विशेष रूप से अर्पित किया जाता है।
भगवान विष्णु को भी कमल प्रिय है — वे नाभि-कमल पर ब्रह्मा को धारण करते हैं और उन्हें कमलनयन कहते हैं। माता सरस्वती के हाथों में भी कमल रहता है और श्वेत कमल उन्हें प्रिय है। माता दुर्गा की पूजा में नील कमल (नीला कमल) विशेष रूप से शुभ माना गया है। नील कमल दुर्लभ होता है और माता दुर्गा को अर्पित करने पर विशेष फल मिलता है — रामायण में श्रीराम ने माता की पूजा में नील कमल अर्पित किए थे।
इसके अतिरिक्त माता लक्ष्मी को नीले कमल का भी विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार कमल की पंखुड़ियों से की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। ब्रह्मा जी की उत्पत्ति कमल से ही हुई थी इसलिए वे भी 'कमलज' कहलाते हैं। संक्षेप में, कमल मुख्यतः लक्ष्मी, विष्णु, सरस्वती और दुर्गा को अर्पित किया जाता है।





