विस्तृत उत्तर
परविद्या का अर्थ है दूसरों द्वारा किए गए तांत्रिक प्रयोग।
यह वह स्थिति है जब कोई शत्रु तांत्रिक षट्कर्मों (स्तम्भन, मोहन, वश्याकर्षण, उच्चाटन, कीलन, द्वेषण) का प्रयोग साधक के विरुद्ध करता है।
नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र का मुख्य कार्य पर-विद्या छेदन (अन्य के तांत्रिक प्रयोगों को काटना) और आत्म-मंत्र संरक्षण है।



