विस्तृत उत्तर
हाँ, नीलकंठ अघोरास्त्र स्तोत्र की सबसे विशिष्ट शक्ति तांत्रिक षट्कर्मों (छह कर्म) को नष्ट करने की क्षमता है।
जब कोई शत्रु इन उग्र कर्मों का प्रयोग साधक के विरुद्ध करता है, तो स्तोत्र में निहित शक्ति इन कर्मों को 'दह छिंदी छिंदी' (जलाकर और काटकर) ध्वस्त कर देती है।
इस स्तोत्र का मुख्य कार्य पर-विद्या छेदन (अन्य के तांत्रिक प्रयोगों को काटना) और आत्म-मंत्र संरक्षण है। यह सुरक्षा का उच्चतम स्तर है।





