ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

भुवर्लोक प्रश्नोत्तरी — 62 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भुवर्लोक विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 62 प्रश्न

लोक

पापी आत्मा मृत्यु के बाद भुवर्लोक में क्यों फंस जाती है?

अत्यधिक पाप कर्म, भौतिक आसक्ति या अकाल मृत्यु के कारण आत्मा सीधे स्वर्ग-नरक नहीं जा पाती और प्रेत योनि में निचले भुवर्लोक में फंस जाती है।

भुवर्लोकपापी आत्मामृत्यु
लोक

भुवर्लोक में भूत-प्रेत क्यों भटकते हैं?

कर्म-बंधन, अकाल मृत्यु या भौतिक आसक्ति के कारण जो आत्माएं पृथ्वी के मोह से मुक्त नहीं हो पातीं वे सूक्ष्म शरीर में भुवर्लोक में भटकती रहती हैं।

भुवर्लोकभूत प्रेतकर्म बंधन
लोक

भुवर्लोक के अधिपति देवता कौन हैं?

भुवर्लोक के अधिपति देवता वायु देव (पवन देव) हैं। वे यहाँ वायु संचालन, बादलों का निर्माण और यज्ञ की आहुति को देवताओं तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।

भुवर्लोकवायु देवअधिपति
लोक

भुवर्लोक में कौन-कौन सी सत्ताएं रहती हैं?

भुवर्लोक में ऊपरी भाग में सिद्ध, चारण और विद्याधर रहते हैं जबकि निचले भाग में यक्ष, राक्षस, भूत, प्रेत और पिशाच विचरण करते हैं।

भुवर्लोकनिवासीसिद्ध
लोक

भुवर्लोक किस तत्व से बना है?

भुवर्लोक मुख्य रूप से वायु-तत्व और आकाश-तत्व से बना है। यहाँ पृथ्वी-तत्व और जल-तत्व का अभाव है, केवल वायु और मेघ (जल वाष्प) हैं।

भुवर्लोकवायु तत्वआकाश तत्व
लोक

कृतक त्रैलोक्य क्या होता है?

भूलोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक — ये तीनों मिलकर कृतक त्रैलोक्य कहलाते हैं। 'कृतक' अर्थात विनाशी — ये तीनों प्रलय के समय नष्ट हो जाते हैं।

कृतक त्रैलोक्यभूलोकभुवर्लोक
लोक

सात ऊर्ध्व लोक कौन-कौन से हैं?

सात ऊर्ध्व लोक हैं — भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपलोक और सत्यलोक (ब्रह्मलोक)।

सात ऊर्ध्व लोकभूलोकभुवर्लोक
लोक

भुवर्लोक भूलोक और स्वर्लोक के बीच क्यों है?

भुवर्लोक भूलोक और स्वर्लोक के बीच इसलिए है क्योंकि यह स्थूल भौतिक और दैवीय जगत के बीच पारगमन क्षेत्र है। यहाँ सूक्ष्म सत्ताएं निवास करती हैं जो न पूर्णतः भौतिक हैं न दैवीय।

भुवर्लोकभूलोकस्वर्लोक
लोक

भुवर्लोक को 'अंतरिक्ष' क्यों कहते हैं?

भुवर्लोक को अंतरिक्ष इसलिए कहते हैं क्योंकि यह वहाँ तक फैला है जहाँ तक वायु बहती है और बादल दिखते हैं। यह भौतिक और दैवीय जगत के बीच का मध्यवर्ती आकाशीय क्षेत्र है।

भुवर्लोकअंतरिक्षनाम
लोक

भुवर्लोक कहाँ स्थित है?

भुवर्लोक पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से लेकर सूर्यमंडल के नीचे तक फैला है। पृथ्वी से सूर्यमंडल की दूरी एक लाख योजन है और इसी के बीच भुवर्लोक है।

भुवर्लोकस्थानभूलोक
लोक

भुवर्लोक क्या है?

भुवर्लोक भूलोक और स्वर्लोक के बीच स्थित दूसरा ऊर्ध्व लोक है जिसे 'अंतरिक्ष' भी कहते हैं। यह पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से सूर्यमंडल के नीचे तक फैला हुआ है।

भुवर्लोकलोकअंतरिक्ष
लोक

विराट पुरुष के कौन से अंगों में ऊर्ध्व लोक बताए गए हैं?

भुवर्लोक नाभि, स्वर्लोक हृदय, महर्लोक वक्षस्थल, जनलोक-तपोलोक ग्रीवा क्षेत्र और सत्यलोक मस्तक में बताया गया है।

विराट पुरुषऊर्ध्व लोकभुवर्लोक
लोक

कौन से लोक कृतक कहलाते हैं?

भूलोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक कृतक लोक कहलाते हैं।

कृतक लोकभूलोकभुवर्लोक
लोक

प्रलय की अग्नि किन लोकों को जलाती है?

प्रलय की अग्नि भूर्लोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक को जलाती है, और उसका ताप महर्लोक तक पहुँचता है।

प्रलय अग्निभूर्लोकभुवर्लोक

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।