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गायत्री मंत्र — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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मंत्र ज्ञान

गायत्री मंत्र का पूरा अर्थ क्या है शब्दशः?

ऋग्वेद 3.62.10: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।' अर्थ: उस श्रेष्ठ परमात्मा (सविता) के दिव्य तेज का हम ध्यान करें, जो हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे। ऋषि विश्वामित्र।

गायत्री मंत्रऋग्वेदसावित्री
वैदिक संस्कार

उपनयन संस्कार यज्ञोपवीत कैसे होता है?

उपनयन = गुरु के निकट ले जाना। ब्राह्मण 8, क्षत्रिय 11, वैश्य 12 वर्ष। विधि: मुंडन → हवन → तीन सूत्र जनेऊ धारण → गायत्री दीक्षा → दण्ड धारण → भिक्षा चर्या। तीन लड़ = गायत्री त्रिपदा। गृहस्थ छह सूत्र। यज्ञोपवीत आजीवन।

उपनयन संस्कारयज्ञोपवीतजनेऊ
मंत्र ज्ञान

पूजा के दौरान कौन सा मंत्र सबसे महत्वपूर्ण है?

सर्वश्रेष्ठ मंत्र: गायत्री (ॐ भूर्भुवः स्वः...) — ऋग्वेद 3.62.10 — वैदिक मंत्रों में सर्वोच्च। ॐ — मंडूक्य उपनिषद: 'ॐ ही सब कुछ है।' इष्ट देव का मंत्र: शिव — पंचाक्षरी; विष्णु — द्वादशाक्षरी; दुर्गा — नवार्ण। गीता: जपयज्ञ सर्वश्रेष्ठ यज्ञ।

गायत्री मंत्रमहामंत्र

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।