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शिवजी प्रश्नोत्तरी — 11 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित शिवजी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 11 प्रश्न

रामचरितमानस — बालकाण्ड

'त्रिपुरारि' और 'उमापति' कौन हैं?

शिवजी — त्रिपुरारि (त्रिपुर का नाश करने वाले) और उमापति (उमा/पार्वती के पति)। अन्य नाम — महेश, शम्भु, शंकर, वृषकेतु, चन्द्रमौलि, पुरारि।

बालकाण्डत्रिपुरारिउमापति
रामचरितमानस — बालकाण्ड

नारदजी को किस बात का अभिमान हो गया था?

नारदजी को अभिमान हुआ कि उन्होंने अपने तपोबल से कामदेव को जीत लिया। कामदेव की कोई कला उन पर नहीं चली। वास्तव में भगवान की माया से रक्षा हुई थी, पर नारदजी समझ बैठे कि यह उनकी अपनी शक्ति है।

बालकाण्डनारद अभिमानकाम विजय
रामचरितमानस — बालकाण्ड

शिवजी ने राम अवतार के कितने कारण बताये?

शिवजी ने अनेक कारण बताये पर कहा — 'इदमित्थं कहि जाइ न सोई' — निश्चित संख्या नहीं कही जा सकती। प्रमुख कारण — धर्म हानि, जय-विजय शाप, नारद शाप, मनु-शतरूपा वरदान, प्रतापभानु कथा, भक्त प्रेम। कारण अनन्त हैं।

बालकाण्डअवतार कारण संख्याशिवजी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान अवतार क्यों लेते हैं — रामचरितमानस के अनुसार?

अनेक कारण — (1) धर्म हानि पर रक्षा, (2) सज्जनों की पीड़ा हरना, (3) असुर वध, (4) वेदमार्ग रक्षा, (5) यश फैलाना, (6) भक्तों का प्रेम। पर शिवजी ने कहा — अवतार का कारण 'बस यही है' ऐसा निश्चित नहीं कहा जा सकता, अनेक कारण हो सकते हैं।

बालकाण्डअवतार कारणभगवान
रामचरितमानस — बालकाण्ड

शिवजी ने भगवान के अवतार का मूल कारण क्या बताया?

शिवजी ने कहा — 'जब जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी' — जब धर्म की हानि हो, राक्षस बढ़ें, ब्राह्मण-गौ-देवता-पृथ्वी कष्ट पायें, तब भगवान अवतार लेकर असुरों को मार, देवताओं को स्थापित कर, वेदमार्ग की रक्षा करते हैं।

बालकाण्डअवतार कारणधर्म हानि
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रति को शिवजी ने क्या वरदान दिया?

शिवजी ने वरदान दिया — (1) कामदेव का नाम 'अनंग' (बिना शरीर) होगा, (2) बिना शरीर के ही सबके हृदय में व्यापेगा, (3) श्रीकृष्ण अवतार में प्रद्युम्न रूप में जन्म लेगा — तब रति को पति वापस मिलेगा।

बालकाण्डरति वरदानअनंग
रामचरितमानस — बालकाण्ड

शिवजी ने कामदेव को कैसे भस्म किया?

कामदेव ने आम के पेड़ से पाँच बाण शिवजी पर छोड़े, समाधि टूटी। शिवजी ने तीसरा नेत्र खोला — 'तब सिवँ तीसर नयन उघारा। चितवत कामु भयउ जरि छारा॥' — देखते ही कामदेव जलकर भस्म हो गया। तीनों लोक काँप उठे।

बालकाण्डकामदहनतीसरा नेत्र
रामचरितमानस — बालकाण्ड

शिवजी ने सती से राम को देखकर क्या कहा?

शिवजी ने श्रीरामजी को देखकर 'सच्चिदानन्द परमधाम' कहकर प्रणाम किया और उनकी शोभा में इतने मग्न हो गये कि हृदय में प्रीति रोकने से भी नहीं रुकती। इसी पर सतीजी को संदेह हुआ।

बालकाण्डशिवजीराम दर्शन
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस में सती और शिवजी कहाँ जा रहे थे जब उन्होंने श्रीराम को देखा?

शिवजी अगस्त्य मुनि के आश्रम से रामकथा सुनकर सतीजी के साथ कैलास लौट रहे थे। मार्ग में उन्हें भगवान श्रीराम दण्डकवन में वनवासी वेष में सीताजी की खोज करते दिखे।

बालकाण्डसतीशिवजी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस का नामकरण 'मानस' क्यों किया गया?

शिवजी ने इस कथा को अपने मन (मानस) में रचकर रखा था, इसीलिये प्रसन्न होकर इसका नाम 'रामचरितमानस' रखा। 'मानस' के दो अर्थ — (1) मन (शिवजी का मन), (2) पवित्र सरोवर (रामचरित का मानसरोवर)।

बालकाण्डमानस नामकरणशिवजी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस में 'मानस' शब्द का क्या अर्थ बताया गया है?

'मानस' के दो अर्थ हैं — (1) मन — शिवजी ने इस कथा को अपने मन में रचकर रखा था, (2) सरोवर — रामचरित का पवित्र मानसरोवर। शिवजी ने प्रसन्न होकर इसका नाम 'रामचरितमानस' रखा।

बालकाण्डमानस अर्थनामकरण

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