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रामचरितमानस — बालकाण्ड⏱ 2 मिनट पठन

शिवजी ने भगवान के अवतार का मूल कारण क्या बताया?

शिवजी ने कहा — 'जब जब होइ धरम कै हानी।

संक्षिप्त उत्तर

शिवजी ने कहा — 'जब जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी' — जब धर्म की हानि हो, राक्षस बढ़ें, ब्राह्मण-गौ-देवता-पृथ्वी कष्ट पायें, तब भगवान अवतार लेकर असुरों को मार, देवताओं को स्थापित कर, वेदमार्ग की रक्षा करते हैं।

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विस्तृत उत्तर

शिवजी ने भगवान के अवतार का मूल कारण बताया — जब-जब धर्म की हानि होती है और नीच अभिमानी राक्षस बढ़ते हैं, तब-तब भगवान अवतार लेते हैं।

चौपाई — 'जब जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी। करहिं अनीति जाइ नहिं बरनी। सीदहिं बिप्र धेनु सुर धरनी। तब तब प्रभु धरि बिबिध सरीरा। हरहिं कृपानिधि सजन पीरा॥'

इसका अर्थ — जब-जब धर्मका ह्रास होता है और नीच अभिमानी राक्षस बढ़ जाते हैं, और वे ऐसा अन्याय करते हैं कि जिसका वर्णन नहीं हो सकता तथा ब्राह्मण, गौ, देवता और पृथ्वी कष्ट पाते हैं, तब-तब वे कृपानिधान प्रभु भाँति-भाँतिके दिव्य शरीर धारण कर सज्जनोंकी पीड़ा हरते हैं।

दोहा — 'असुर मारि थापहिं सुरन्ह राखहिं निज श्रुति सेतु। जग बिस्तारहिं बिसद जस राम जन्म कर हेतु॥'

अर्थ — (वे भगवान) असुरोंको मारकर देवताओंको स्थापित करते हैं, अपने वेदमार्गकी रक्षा करते हैं और जगतमें अपना निर्मल यश फैलाते हैं — यही श्रीरामजीके जन्मका कारण है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शिवजी ने भगवान के अवतार का मूल कारण क्या बताया को संदर्भ सहित समझें

शिवजी ने भगवान के अवतार का मूल कारण क्या बताया का सबसे सीधा सार यह है: शिवजी ने कहा — 'जब जब होइ धरम कै हानी। बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी' — जब धर्म की हानि हो, राक्षस बढ़ें, ब्राह्मण-गौ-देवता-पृथ्वी कष्ट पायें, तब भगवान अवतार...

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रामचरितमानस — बालकाण्ड प्रश्नोत्तर
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