लोकमहर्लोक को ग्रीवा (गर्दन) क्यों कहते हैं?जैसे गर्दन धड़ और सिर को जोड़ती है वैसे ही महर्लोक भौतिक त्रैलोक्य और आध्यात्मिक अविनाशी लोकों के बीच सेतु है। इसीलिए विराट पुरुष में इसे ग्रीवा कहते हैं।#महर्लोक#ग्रीवा#सेतु
लोकविराट पुरुष के शरीर में महर्लोक कहाँ है?भागवत (२.१.२८) के अनुसार विराट पुरुष के शरीर में महर्लोक ग्रीवा (गर्दन) के स्थान पर है। स्वर्लोक छाती पर, जनलोक मुख पर और सत्यलोक सिर पर है।#विराट पुरुष#महर्लोक#ग्रीवा
लोकमहातल का भगवान नारायण से क्या संबंध है?महातल भगवान नारायण के विराट रूप के टखनों में स्थित है, इसलिए यह भी उनके शरीर का अंग माना गया है।#महातल#भगवान नारायण#विराट पुरुष
लोकविराट पुरुष के टखनों में कौन सा लोक है?विराट पुरुष के टखनों यानी गुल्फों में महातल लोक स्थित है।#विराट पुरुष#टखने#गुल्फ
लोकमहातल लोक भगवान के विराट रूप में कहाँ है?विराट पुरुष के रूप में महातल भगवान के दोनों टखनों यानी गुल्फों में स्थित बताया गया है।#महातल विराट रूप#विराट पुरुष#गुल्फ
लोकरसातल लोक भगवान के विराट रूप में कहाँ है?विराट पुरुष के स्वरूप में रसातल पैरों के गुल्फ और तलवों के मध्य, तलवों के ऊपरी भाग से जुड़ा लोक है।#रसातल विराट रूप#विराट पुरुष#तलवे
लोकवितल लोक विराट पुरुष के किस अंग में है?वितल लोक विराट पुरुष की ऊरुओं यानी जांघों में स्थित बताया गया है।#विराट पुरुष#वितल लोक#जांघ
लोकसुतल लोक भगवान के विराट रूप में कहाँ है?सुतल लोक भगवान के विराट स्वरूप के जानु, यानी घुटनों में स्थित बताया गया है।#विराट रूप#सुतल लोक#विराट पुरुष
लोकविराट पुरुष के मुख को जनलोक क्यों कहा गया है?जनलोक वाणी, वेद-मंत्रों और परब्रह्म के गुणगान से जुड़ा है, इसलिए इसे विराट पुरुष के मुख से जोड़ा गया है।#विराट पुरुष#मुख#जनलोक
लोकविराट पुरुष के कौन से अंगों में ऊर्ध्व लोक बताए गए हैं?भुवर्लोक नाभि, स्वर्लोक हृदय, महर्लोक वक्षस्थल, जनलोक-तपोलोक ग्रीवा क्षेत्र और सत्यलोक मस्तक में बताया गया है।#विराट पुरुष#ऊर्ध्व लोक#भुवर्लोक
लोकविराट पुरुष में जनलोक कहाँ स्थित है?विराट पुरुष में जनलोक वक्षस्थल के ऊपर से ग्रीवा तक के क्षेत्र और मुख से संबंधित बताया गया है।#विराट पुरुष#जनलोक#कंठ
लोकविराट पुरुष के वक्षस्थल और ग्रीवा के बीच तपोलोक की स्थिति का आध्यात्मिक संकेत क्या है?वक्षस्थल-ग्रीवा क्षेत्र विशुद्धता, भौतिकता से निवृत्ति और विशुद्ध चेतना का संकेत देता है।#विराट पुरुष#वक्षस्थल#ग्रीवा
लोकसत्यलोक कहाँ स्थित है?सत्यलोक सबसे ऊपर स्थित ब्रह्मलोक है, जिसे विराट पुरुष के मस्तक पर बताया गया है।#सत्यलोक#ब्रह्मलोक#विराट पुरुष
लोकविराट पुरुष में तपोलोक कहाँ स्थित बताया गया है?विराट पुरुष के वक्षस्थल के ऊपरी भाग से ग्रीवा तक जनलोक और तपोलोक स्थित बताए गए हैं।#विराट पुरुष#तपोलोक#जनलोक
लोकश्रीमद्भागवत पुराण में तपोलोक का क्या वर्णन है?भागवत पुराण तपोलोक को विराट पुरुष के वक्षस्थल-ग्रीवा क्षेत्र और जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर बताता है।#श्रीमद्भागवत पुराण#तपोलोक#विराट पुरुष
लोकविराट पुरुष के शरीर में सत्यलोक कहाँ है?भागवत (2.5.39) के अनुसार सत्यलोक विराट पुरुष के मस्तक (शीर्ष) पर है। पाताल तलवे में और सत्यलोक सिर पर — यह ज्ञान और परम चेतना का केंद्र है।#विराट पुरुष#सत्यलोक#मस्तक
लोकविराट पुरुष के शरीर में सातों पातालों का स्थान क्या है?भागवत (2.5.40-41) के अनुसार — अतल (कमर), वितल (जांघ), सुतल (घुटना), तलातल (पिंडली), महातल (टखना), रसातल (पंजा), पाताल (तलवा)।#विराट पुरुष#सात पाताल#कटि
लोकविराट पुरुष के शरीर में अतल लोक कहाँ है?विराट पुरुष के शरीर में अतल लोक कटि (कमर) के स्थान पर है। भागवत (2.5.40-41) के अनुसार यह भगवान के विराट स्वरूप का अभिन्न अंग है।#विराट पुरुष#अतल लोक#कटि
रुद्राष्टाध्यायी के अध्यायपुरुष सूक्त क्या है?पुरुष सूक्त = द्वितीय अध्याय। देवता: विष्णु। 16 मंत्र। 'सहस्रशीर्षा पुरुषः' से आरंभ। विराट पुरुष (महानारायण) का वर्णन जिनके अनंत सिर, आंख और पैर हैं और जिनसे ब्रह्मांड और वेदों की उत्पत्ति हुई।#पुरुष सूक्त#द्वितीय अध्याय#सहस्रशीर्षा