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क्या है

यममार्ग क्या है?(18)

यममार्ग का अर्थयममार्ग क्या है?यममार्ग का महत्व
सरल उत्तर

मृत्यु के बाद यमपुरी तक की कठिन यात्रा यममार्ग है।

स्रोत प्रश्न: गरुड़ पुराण में यममार्ग क्या है? →
लोक

गरुड़ पुराण में यममार्ग क्या है?

मृत्यु के बाद यमपुरी तक की कठिन यात्रा यममार्ग है।

#गरुड़ पुराण#यममार्ग#प्रेत यात्रा
लोक

सौरिपुर क्या है?

सौरिपुर यममार्ग का दूसरा नगर है, जहाँ यमराज का छोटा भाई सौरि शासन करता है और आत्मा द्वितीय मास का पिंड ग्रहण करती है।

#सौरिपुर#यममार्ग#यमराज
लोक

यममार्ग क्या है?

यममार्ग मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक तक ८६,००० योजन लंबी कठिन यात्रा का मार्ग है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

13 दिन की मृत्यु क्रिया का मुख्य उद्देश्य क्या है?

13 दिन की क्रिया आत्मा को पिण्डज शरीर, तृप्ति, प्रेतत्व से मुक्ति और यममार्ग के लिए तैयारी देती है।

#13 दिन मृत्यु क्रिया#उद्देश्य#पिण्डज शरीर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पयोवर्षणपुर में क्या होता है?

पयोवर्षणपुर में तप्त जल या पीड़ादायक द्रव्यों की वर्षा होती है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

गन्धर्वपुर क्या है?

गन्धर्वपुर यममार्ग का चौथा नगर है और गंधर्वों का क्षेत्र बताया गया है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नागेन्द्रभवन क्या है?

नागेन्द्रभवन नागों और सर्पराजों से जुड़ा यममार्ग का भयानक नगर है।

#नागेन्द्रभवन#यममार्ग#नाग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

सौरिपुर क्या है?

सौरिपुर यममार्ग का दूसरा नगर है, जहाँ यमराज के छोटे भाई सौरि का शासन बताया गया है।

#सौरिपुर#यममार्ग#सौरि
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

सौम्यपुर क्या है?

सौम्यपुर यममार्ग की 16 पुरियों में पहला नगर है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यममार्ग क्या होता है?

यममार्ग पृथ्वी से यमलोक तक की 86,000 योजन लंबी कठोर यात्रा का मार्ग है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तेरहवें दिन आत्मा के साथ क्या होता है?

तेरहवें दिन आत्मा घर से संबंध छोड़कर यमदूतों के अधीन यममार्ग की यात्रा पर निकलती है।

#तेरहवाँ दिन#यमदूत#यममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

वैतरणी नदी के नाविक का प्रश्न क्या होता है?

वैतरणी का नाविक पूछता है कि क्या आत्मा ने पृथ्वी पर गोदान किया था।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

वैतरणी नदी क्या है?

वैतरणी नदी यमलोक से पहले आने वाली रक्त, मवाद और अस्थियों से भरी भयंकर नदी है।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के बाद आत्मा की 13 दिन की यात्रा क्या है?

मृत्यु के बाद 13 दिनों में आत्मा वायुजा देह से पिण्डज शरीर पाती है, सपिण्डीकरण से प्रेतत्व छोड़ती है और तेरहवें दिन यममार्ग की यात्रा शुरू करती है।

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जीवन एवं मृत्यु

यममार्ग में पिंडदान का अभाव होने पर क्या होता है?

पिंडदान के अभाव में जीवात्मा कल्पान्त तक प्रेत बनकर निर्जन वन में भटकती है। यममार्ग पर चलने की शक्ति नहीं मिलती, भूख-प्यास से व्याकुल रहती है। इसीलिए मृत्यु के बाद दस दिन तक पिंडदान का विधान है।

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जीवन एवं मृत्यु

वैतरणी नदी क्या है?

वैतरणी नदी मृत्युलोक और यमलोक के बीच स्थित एक भयावह नदी है जो प्रत्येक जीव को पार करनी होती है। 'वैतरणी' नाम दान (वितरण) से जुड़ा है — जिसने जीवन में दान किया, उसके लिए यह पार करना सुगम होता है।

#वैतरणी नदी#यममार्ग#गरुड़ पुराण
जीवन एवं मृत्यु

यममार्ग क्या है?

यममार्ग वह दुर्गम अध्यात्मिक मार्ग है जिससे जीवात्मा मृत्यु के बाद यमलोक पहुँचती है। यह 99,000 योजन लंबा, बिना छाया-जल वाला और कष्टकारी है। पुण्यात्मा के लिए सुखद, पापी के लिए दुःखद — एक ही मार्ग का भिन्न अनुभव।

#यममार्ग#यमलोक यात्रा#गरुड़ पुराण
यमलोक एवं न्याय

यममार्ग पर रक्त की वृष्टि और शस्त्र की वृष्टि का वर्णन क्या है?

गरुड़ पुराण के दूसरे अध्याय के अनुसार यममार्ग पर पापियों पर रक्त, शस्त्र, अंगार, शिला और गर्म जल की वृष्टि होती है — यह उनके पाप-कर्मों का ही प्रतिफल है जो विभिन्न यातनाओं के रूप में लौटता है।

#यममार्ग#रक्त वृष्टि#शस्त्र वृष्टि
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