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विस्तृत उत्तर
सौम्यपुर यममार्ग की 16 मध्यवर्ती पुरियों में प्रथम नगर है। आत्मा यमयात्रा के आरंभिक चरण में इस नगर में पहुँचती है। यममार्ग की लंबी यात्रा में आत्मा इन पुरियों से क्रमशः गुजरती है। प्रत्येक नगर में उसे आधा मुहूर्त, लगभग 24 मिनट, विश्राम दिया जाता है। वहाँ वह पृथ्वी पर परिजनों द्वारा किए गए मासिक श्राद्ध का पिण्ड ग्रहण करती है और फिर यमदूतों द्वारा आगे धकेल दी जाती है।
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