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विस्तृत उत्तर
नागेन्द्रभवन यममार्ग की 16 मध्यवर्ती पुरियों में तीसरा नगर है। यह सर्पराजों और नागों से संबंधित भयानक नगर बताया गया है। आत्मा सौम्यपुर और सौरिपुर के बाद नागेन्द्रभवन से होकर गुजरती है। यममार्ग की प्रत्येक पुरी की तरह यहाँ भी आत्मा को थोड़े समय का विश्राम मिलता है, वह मासिक श्राद्ध का पिण्ड ग्रहण करती है और फिर यमदूतों द्वारा आगे बढ़ाई जाती है।
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