📖
विस्तृत उत्तर
तेरहवें दिन सपिण्डीकरण के संपन्न होने पर आत्मा का अपने लौकिक निवास से पूर्णतः संबंध विच्छेद हो जाता है। अब आत्मा यममार्ग की कठोर यात्रा के लिए यमदूतों के अधीन हो जाती है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि तेरहवें दिन सपिण्डीकरण कर्म के पश्चात आत्मा को यमराज के अनुचरों द्वारा पकड़ लिया जाता है। गले में पाश से बंधा हुआ वह प्रेत उसी प्रकार खींचा जाता है जैसे पकड़े हुए बंदर को खींचा जाता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





