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विस्तृत उत्तर
सौरिपुर यममार्ग की 16 मध्यवर्ती पुरियों में दूसरा नगर है। यहाँ यमराज का छोटा भाई सौरि राजा के रूप में शासन करता है। आत्मा यममार्ग की यात्रा में सौम्यपुर के बाद सौरिपुर पहुँचती है। प्रत्येक नगर की तरह यहाँ भी आत्मा को थोड़े समय का विश्राम मिलता है, वह मासिक श्राद्ध का पिण्ड ग्रहण करती है और फिर यमदूतों के तर्जन और प्रहार से आगे बढ़ती है।
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