विस्तृत उत्तर
हंसी मुद्रा में सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा) को छोड़कर शेष तीन उंगलियों और अंगूठे का प्रयोग किया जाता है। यह मुद्रा पौष्टिक कर्मों (समृद्धि एवं स्वास्थ्य वर्धन) के लिए उपयोगी है।
हंसी मुद्रा = कनिष्ठा (सबसे छोटी उंगली) छोड़कर शेष तीन उंगलियाँ + अंगूठा। पौष्टिक कर्मों (समृद्धि और स्वास्थ्य वर्धन) के लिए उपयोगी।
हंसी मुद्रा में सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा) को छोड़कर शेष तीन उंगलियों और अंगूठे का प्रयोग किया जाता है। यह मुद्रा पौष्टिक कर्मों (समृद्धि एवं स्वास्थ्य वर्धन) के लिए उपयोगी है।
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