विस्तृत उत्तर
यदि यजमान सपत्नीक (पत्नी के साथ) आहुति दे रहा है, तो पूजा एवं हवन के समय पत्नी का स्थान यजमान (पति) के दाहिने भाग में होना चाहिए। यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का परिचायक है।
हवन में पत्नी का स्थान यजमान (पति) के दाहिने भाग में होना चाहिए। यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का परिचायक है।
यदि यजमान सपत्नीक (पत्नी के साथ) आहुति दे रहा है, तो पूजा एवं हवन के समय पत्नी का स्थान यजमान (पति) के दाहिने भाग में होना चाहिए। यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का परिचायक है।
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