पूजा विधि एवं कर्मकांडकृष्ण जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैकृष्ण को प्रसन्न करने के उपाय — माखन-मिश्री का भोग, हरे कृष्ण महामंत्र जप, गीता का नित्य पाठ, तुलसीमाला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप, और सखा-भाव में उनसे बात करना। कृष्ण प्रेम के भूखे हैं — झूठी विधि से नहीं, सच्चे भाव से प्रसन्न होते हैं।#कृष्ण प्रसन्न#गोविंद उपाय#कृष्ण पूजा
पूजा विधि एवं कर्मकांडविष्णु जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैविष्णु को प्रसन्न करने के उपाय — गुरुवार को पीले वस्त्र पहन 'ॐ नमो नारायणाय' जपें, नित्य तुलसी-पूजन करें, एकादशी व्रत रखें, और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' — द्वादशाक्षरी मंत्र — सबसे सरल नित्य जप है।#विष्णु प्रसन्न#हरि पूजा#नारायण उपाय
पूजा विधि एवं कर्मकांडशिव जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैशिव को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका — सोमवार को बेलपत्र से सुशोभित एक लोटा जल शिवलिंग पर चढ़ाएँ, 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार जपें। आशुतोष हैं वे — सच्चे भाव से की एक छोटी सी पूजा पर्याप्त है।#शिव प्रसन्न#भोलेनाथ उपाय#शिव पूजा सरल
पूजा विधि एवं कर्मकांडपूजा में ताम्बूल अर्पित करने का विधानताम्बूल षोडशोपचार का चौदहवाँ उपचार है — पान पर सुपारी, लौंग, इलायची और दक्षिणा रखकर अर्पित करें। मंत्र है — 'ॐ लवंगैलादिसंयुक्तं ताम्बूलं दक्षिणां तथा...'। इससे भोगों की प्राप्ति होती है।#ताम्बूल#पान सुपारी#षोडशोपचार
पूजा विधि एवं कर्मकांडपूजा में वस्त्र अर्पित करने का विधानवस्त्र अर्पण षोडशोपचार का सातवाँ उपचार है। स्नान के बाद देवताओं को जनेऊ और वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। 'श्री [देवता] नमः वस्त्रं समर्पयामि' मंत्र से स्वच्छ कपड़े का प्रतीकात्मक अर्पण भी स्वीकार्य है।#वस्त्र अर्पण#देवता वस्त्र#षोडशोपचार
पूजा विधि एवं कर्मकांडतिलक लगाने के बाद अक्षत कैसे चिपकाएंतिलक लगाने के तुरंत बाद जब तिलक गीला हो, साफ और पूरे (अखंडित) चावल के 2-5 दाने धीरे से माथे पर या देवता के ललाट पर रखें — वे स्वयं चिपक जाते हैं। टूटे या पुराने चावल न लगाएँ।#अक्षत#तिलक अक्षत#चावल पूजा
पूजा विधि एवं कर्मकांडकेसर तिलक कब और कैसे लगाएंकेसर तिलक गुरुवार को, विष्णु-लक्ष्मी पूजन में और शुभ कार्य के आरंभ में लगाना विशेष फलदायी है। केसर को दूध या जल में घोलकर अनामिका से माथे के मध्य में लगाएँ।#केसर तिलक#केसर धार्मिक उपयोग#गुरुवार तिलक
पूजा विधि एवं कर्मकांडभस्म तिलक लगाने का तरीका और मंत्रभस्म (विभूति) से तीन क्षैतिज रेखाओं में त्रिपुंड बनाकर माथे पर लगाएँ। 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए लगाना शुभ है। यह शैव भक्ति का प्रमुख तिलक है जो शनिवार और महाशिवरात्रि पर विशेष महत्वपूर्ण है।#भस्म तिलक#विभूति#त्रिपुंड
पूजा विधि एवं कर्मकांडगोपीचंदन तिलक क्या है और कैसे लगाएंगोपीचंदन द्वारका के निकट गोपी सरोवर की पवित्र मिट्टी है जो गोपियों के विरह-समर्पण से पवित्र मानी जाती है। इसे जल में घिसकर माथे पर ऊर्ध्वपुंड्र (दो ऊर्ध्व रेखाएँ) के रूप में लगाएँ — यह वैष्णव भक्तों का प्रमुख तिलक है।#गोपीचंदन#वैष्णव तिलक#द्वारका
पूजा विधि एवं कर्मकांडकुमकुम तिलक लगाने का सही तरीकाकुमकुम तिलक अनामिका अंगुली से माथे के मध्य आज्ञाचक्र पर लगाएँ। स्नान के बाद लगाना शुभ है। तर्जनी से तिलक नहीं लगाना चाहिए। देवी पूजन, मंगलवार और नवरात्रि में इसका विशेष महत्व है।#कुमकुम तिलक#तिलक विधि#कुमकुम
पूजा विधि एवं कर्मकांडचंदन तिलक कैसे बनाएं और कैसे लगाएंचंदन की लकड़ी को पत्थर पर जल से घिसकर पेस्ट बनाएँ। अनामिका अंगुली से माथे के आज्ञाचक्र पर लगाएँ। 'ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं...' मंत्र के साथ लगाना शुभ माना गया है।#चंदन तिलक#तिलक बनाने की विधि#चंदन
पूजा विधि एवं कर्मकांडदंडवत प्रणाम कैसे करेंदंडवत प्रणाम में कमर से झुककर पेट के बल लेटें जिससे ठोड़ी, छाती, दोनों हाथ, दोनों घुटने और पाँव जमीन से स्पर्श करें। पेट जमीन से न लगे। इस मुद्रा में भगवान को समर्पण भाव से प्रणाम करें।#दंडवत प्रणाम#साष्टांग प्रणाम#प्रणाम विधि
पूजा विधि एवं कर्मकांडगणेश जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैगणेश को प्रसन्न करने के उपाय — 21 दूर्वा अर्पण, मोदक का भोग, 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप, बुधवार को पीले फूल-वस्त्र के साथ पूजन, और 'वक्रतुण्ड महाकाय...' श्लोक बोलकर हर कार्य आरंभ करना।#गणेश प्रसन्न#मोदक दूर्वा#गणेश उपाय
पूजा विधि एवं कर्मकांडहनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैहनुमान को प्रसन्न करने के उपाय — हनुमान चालीसा पाठ (108 बार राम-नाम जप के बाद), मंगलवार को सिंदूर-चमेली तेल-अर्पण, राम-नाम जप, शनिवार पूजन और सात्विक आचरण। राम-नाम के सहारे हनुमान जी तत्काल जागृत होते हैं।#हनुमान प्रसन्न#बजरंगबली उपाय#हनुमान चालीसा
पूजा विधि एवं कर्मकांडराम जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैराम को प्रसन्न करने के उपाय — 'राम' नाम जप, 'श्री राम जय राम जय जय राम' मंत्र 108 बार, रामचरितमानस-सुंदरकाण्ड पाठ, सत्य-आचरण और हनुमान चालीसा। तुलसीदास कहते हैं — राम सच्चे मन की भक्ति से प्रसन्न होते हैं।#राम प्रसन्न#राम नाम जप#रामचरितमानस