विस्तृत उत्तर
धन के अधिपति भगवान कुबेर की साधना के लिए 'कमल गट्टे' (Lotus Seed) की माला को सर्वश्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि कमल माता लक्ष्मी और कुबेर दोनों को अत्यंत प्रिय है। इसके विकल्प में स्फटिक की माला का भी उपयोग किया जा सकता है। कुबेर मंत्र जप के लिए सबसे शुभ समय अर्धरात्रि (निशीथ काल), विशेषकर रात ११ बजे के बाद माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुबेर मंत्र का जप करने से व्यापार में उन्नति और अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं। साधना के दौरान घी का दीपक जलाना और कुबेर यंत्र का सम्मुख होना लाभकारी होता है।





