विस्तृत उत्तर
आवाहन के पश्चात् भगवान शिव की पूजा की जाती है। पञ्चोपचार में गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाया जाता है। अधिक विस्तृत पूजन के लिए षोडशोपचार (16 उपचार) विधि का पालन किया जाता है। पाठ से पूर्व एक छोटी पूजा अनिवार्य है।
यह भगवान शिव की पूजा की विधियां हैं जिनमें गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य मुख्य हैं।
आवाहन के पश्चात् भगवान शिव की पूजा की जाती है। पञ्चोपचार में गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाया जाता है। अधिक विस्तृत पूजन के लिए षोडशोपचार (16 उपचार) विधि का पालन किया जाता है। पाठ से पूर्व एक छोटी पूजा अनिवार्य है।
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