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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

हलाहल विष पेट में क्यों नहीं जाने दिया गया?

विष पेट में जाता तो जगत को हानि हो सकती थी, इसलिए पार्वती ने उसे कंठ में रोक दिया।

हलाहल पेटशिवपार्वती
लोक

पार्वती जी ने शिव जी का गला क्यों पकड़ा?

पार्वती जी ने विष को शिव के पेट में जाने से रोकने के लिए उनका गला पकड़ा।

पार्वतीशिव विषनीलकंठ
लोक

नीलकंठ नाम कैसे पड़ा?

हलाहल विष कंठ में धारण करने से शिव जी का गला नीला हुआ और वे नीलकंठ कहलाए।

नीलकंठ नामशिवहलाहल
लोक

शिव जी का गला नीला क्यों हुआ?

हलाहल विष कंठ में रुकने से शिव जी का गला नीला हो गया।

नीलकंठशिव गला नीलाहलाहल
लोक

भगवान शिव ने विष क्यों पिया?

शिव जी ने सृष्टि को हलाहल विष से बचाने के लिए विष पिया।

शिव ने विष क्यों पियाहलाहलसृष्टि रक्षा
लोक

समुद्र मंथन का विष किसने पिया?

समुद्र मंथन का हलाहल विष भगवान शिव ने पिया था।

शिव विषहलाहलनीलकंठ
लोक

हलाहल विष क्या था?

हलाहल समुद्र मंथन से निकला प्रलयंकारी विष था, जिसे शिव जी ने पीकर सृष्टि बचाई।

हलाहल विषनीलकंठशिव
लोक

समुद्र मंथन में सबसे पहले क्या निकला?

समुद्र मंथन में सबसे पहले हलाहल विष निकला था।

हलाहलसमुद्र मंथन प्रथमविष
लोक

कूर्मावतार का जन्म किसलिए हुआ?

कूर्मावतार समुद्र मंथन में मंदराचल पर्वत को आधार देने के लिए हुआ।

कूर्मावतार उद्देश्यविष्णुमंदराचल
लोक

कूर्मावतार को विष्णु का कौन सा अवतार माना जाता है?

कूर्मावतार विष्णु के दशावतारों में दूसरा अवतार माना जाता है।

कूर्मावतारदशावतारविष्णु अवतार
लोक

समुद्र मंथन में भगवान विष्णु कहाँ-कहाँ उपस्थित थे?

विष्णु मार्गदर्शक, कूर्म, पर्वत-संरक्षक, गुणरूप और मोहिनी रूप में उपस्थित थे।

विष्णु सर्वव्यापकतासमुद्र मंथनकूर्म
लोक

समुद्र मंथन में विष्णु जी ने कितने रूप लिए?

विष्णु ने समुद्र मंथन में मार्गदर्शक, गरुड़ध्वज, कूर्म और मोहिनी सहित कई रूपों से सहायता की।

विष्णु रूपकूर्मावतारमोहिनी
लोक

कूर्म भगवान की पीठ पर पर्वत क्यों रखा गया?

मंदराचल को डूबने से बचाकर स्थिर धुरी बनाने के लिए उसे कूर्म भगवान की पीठ पर रखा गया।

कूर्म पीठमंदराचल पर्वतसमुद्र मंथन
लोक

कूर्मावतार में भगवान की पीठ कितनी बड़ी थी?

कूर्मावतार में भगवान की पीठ एक लाख योजन तक विस्तृत बताई गई है।

कूर्म पीठकूर्मावतार आकारविष्णु
लोक

मंदराचल पर्वत को कूर्म भगवान ने कैसे संभाला?

कूर्म भगवान समुद्र तल में जाकर मंदराचल को अपनी पीठ पर टिकाकर स्थिर कर दिया।

कूर्म भगवानमंदराचलपीठ
लोक

कूर्मावतार समुद्र मंथन से कैसे जुड़ा है?

कूर्मावतार ने मंदराचल को आधार दिया, इसलिए समुद्र मंथन संभव हुआ।

कूर्मावतारसमुद्र मंथनमंदराचल
लोक

कूर्मावतार में विष्णु जी ने क्या किया?

कूर्मावतार में विष्णु ने मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर संभालकर समुद्र मंथन पूरा कराया।

कूर्मावतार कार्यविष्णुसमुद्र मंथन
लोक

विष्णु जी कछुआ क्यों बने?

मंदराचल को स्थिर आधार देने के लिए विष्णु जी कछुआ बने।

विष्णु कछुआकूर्मावतारमंदराचल
लोक

भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार क्यों लिया?

मंदराचल पर्वत को डूबने से बचाने और मंथन पूरा कराने के लिए विष्णु ने कूर्म अवतार लिया।

कूर्म अवतार कारणमंदराचलसमुद्र मंथन
लोक

कूर्मावतार क्या है?

कूर्मावतार विष्णु का कछुआ रूप है, जिसमें उन्होंने मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर संभाला।

कूर्मावतारविष्णुकछुआ अवतार
लोक

समुद्र मंथन में देवताओं को कम कष्ट क्यों हुआ?

देवता वासुकी की पूंछ की ओर थे और विष्णु की कृपा से उन्हें कम कष्ट हुआ।

देवतावासुकी पूंछविष्णु नीति
लोक

समुद्र मंथन में असुर काले क्यों पड़ गए?

वासुकी के विषैले मुख की गर्म फुफकार से असुर झुलसकर काले पड़ गए।

असुर काले पड़ेवासुकीसमुद्र मंथन
लोक

वासुकी नाग के मुख से विष क्यों निकला?

मंथन की पीड़ा और घर्षण से वासुकी के मुख से विषैली फुफकार निकली।

वासुकी विषसमुद्र मंथनअसुर
लोक

असुरों ने वासुकी का मुख क्यों पकड़ा?

असुरों ने अहंकार में वासुकी का मुख पकड़ा और बाद में विषैली फुफकार से कष्ट पाया।

असुरवासुकी मुखअहंकार

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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