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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

वैकुण्ठ कभी नष्ट क्यों नहीं होता?

क्योंकि वैकुण्ठ त्रिगुणमयी प्रकृति से परे शाश्वत धाम है।

वैकुण्ठशाश्वतत्रिपाद विभूति
लोक

वैकुण्ठ पहले से था या बाद में बना?

वैकुण्ठ पहले से शाश्वत है; नई सृष्टि में उसकी आधार-शक्ति जुड़ती है।

वैकुण्ठत्रिपाद विभूतिक्षीरसागर
लोक

द्वैत की शुरुआत कैसे हुई?

अव्यक्त एकत्व में गति और भेद आने से द्वैत की शुरुआत हुई।

द्वैतसृष्टिएकसूत्रीय जल
लोक

अहंकार तत्त्व क्या है?

अहंकार तत्त्व एकत्व से भेद और पहचान बनने की अवस्था है।

अहंकार तत्त्वसृष्टिद्वैत
लोक

महत् तत्त्व क्या है?

महत् तत्त्व सृष्टि की प्रथम ब्रह्मांडीय बुद्धि है।

महत् तत्त्वसृष्टिवैष्णव दर्शन
लोक

देश और काल कैसे बने?

विष्णु की श्वास और आदिनाद से स्थान और समय की व्यवस्था बनी।

देशकालसृष्टि
लोक

दिशाओं की उत्पत्ति कैसे हुई?

सृष्टि में स्थान और गति आने पर दिशाएँ प्रकट हुईं।

दिशाएँसृष्टिदेश-काल
लोक

प्रकाश और अंधकार कब अलग हुए?

विष्णु की प्रथम श्वास से गति आने पर प्रकाश और अंधकार अलग हुए।

प्रकाशअंधकारद्वैत
लोक

शब्द से आकाश कैसे बना?

आदिनाद के प्रकट होने से ध्वनि के क्षेत्र के रूप में आकाश जागा।

शब्दआकाशआदिनाद
लोक

तन्मात्रा क्या होती है?

तन्मात्रा तत्वों के सूक्ष्म गुण हैं, जैसे शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध।

तन्मात्रापंचभूतसृष्टि
लोक

आकाश सबसे पहले क्यों बना?

क्योंकि ध्वनि के फैलने के लिए आकाश जैसा विस्तार आवश्यक था।

आकाशध्वनिसृष्टि
लोक

पंचभूत कैसे बने?

आदिनाद और तन्मात्राओं के जागरण से पंचभूत बने।

पंचभूतसृष्टितन्मात्रा
लोक

सृष्टि में गति की शुरुआत कैसे हुई?

स्पंदन और विष्णु की प्रथम श्वास से सृष्टि में गति शुरू हुई।

सृष्टिगतिकालचक्र
लोक

श्वास से ब्रह्मांड में गति कैसे आई?

विष्णु की प्रथम श्वास ने कारण-जल और कालचक्र को गति दी।

श्वासब्रह्मांडगति
लोक

विष्णु की श्वास को महाप्राण क्यों कहते हैं?

क्योंकि वह श्वास पूरी सृष्टि को प्राण और गति देने वाली मानी गई है।

विष्णु श्वासमहाप्राणकालचक्र
लोक

महाप्राण क्या है?

महाप्राण विष्णु की वह प्रथम श्वास है जिससे ब्रह्मांड में गति आई।

महाप्राणविष्णु श्वाससृष्टि
लोक

प्राण ऊर्जा क्या होती है?

प्राण ऊर्जा जीवन, गति और चेतना को सक्रिय करने वाली सूक्ष्म शक्ति है।

प्राण ऊर्जाश्वाससृष्टि
लोक

इच्छा शक्ति से सृष्टि कैसे बनी?

विष्णु की इच्छा शक्ति से स्पंदन, नाद और श्वास के द्वारा सृष्टि बनी।

इच्छा शक्तिसृष्टिविष्णु
लोक

एकोऽहं बहुस्याम का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है कि एक परम चेतना अनेक रूपों में प्रकट होना चाहती है।

एकोऽहं बहुस्यामसृष्टिवेदांत
लोक

भगवान विष्णु का सृष्टि-संकल्प क्या था?

सृष्टि-संकल्प विष्णु की वह इच्छा है जिससे अव्यक्त जगत प्रकट होता है।

विष्णुसृष्टि-संकल्पएकोहम
लोक

पहला ब्रह्मांडीय कंपन कैसे हुआ?

विष्णु के सृजन-संकल्प से पहला सूक्ष्म ब्रह्मांडीय कंपन हुआ।

ब्रह्मांडीय कंपनस्पंदनसृष्टि
लोक

सृष्टि में पहला स्पंदन क्या था?

पहला स्पंदन विष्णु के सृजन-संकल्प से उठा सूक्ष्म दिव्य कंपन था।

स्पंदनसृष्टिविष्णु
लोक

ब्रह्मा जी विष्णु की नाभि से कैसे उत्पन्न हुए?

विष्णु की नाभि से कमल निकला और उसी कमल पर ब्रह्मा जी प्रकट हुए।

ब्रह्माविष्णु नाभिकमल
लोक

विष्णु की नाभि से कमल कैसे निकला?

विष्णु की नाभि से दिव्य कमल प्रकट हुआ, जिस पर ब्रह्मा जी जन्मे।

विष्णु नाभिकमलब्रह्मा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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