ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

मंत्र प्रश्नोत्तरी — 207 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित मंत्र विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 207 प्रश्न

शब्द ब्रह्म और मंत्र विज्ञान

मंत्र क्या होते हैं?

मंत्र केवल अक्षर नहीं — वे साक्षात् देवता के 'नादमय-शरीर' हैं जिनमें देवता की ऊर्जा, चेतना और शक्ति बीज रूप में गुप्त रहती है। सही विधान से जपने पर यह सुप्त शक्ति जाग्रत होती है।

मंत्रशब्द शरीरदेवता ऊर्जा
त्रिपुर भैरवी मंत्र

त्रिपुर भैरवी का त्र्यक्षरी मंत्र क्या है?

त्रिपुर भैरवी का त्र्यक्षरी मंत्र है: 'हसैं हसकरीं हसैं' — गुरु-निर्देशन में इस मंत्र के जप से अद्भुत सिद्धियाँ प्राप्त होती हैं।

त्र्यक्षरी मंत्रहसैं हसकरींतीन अक्षर
संकल्प विधि

रुद्राभिषेक में आचमन कैसे करते हैं?

रुद्राभिषेक में आचमन विधि: 'ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः' बोलकर तीन बार आचमन करें, फिर 'ॐ गोविन्दाय नमः' बोलकर जल भूमि पर छोड़ें।

आचमनशुद्धितीन बार
दक्षिणामूर्ति साधना

पूजा में माफ़ी मांगने का मंत्र क्या है?

क्षमा मंत्र: 'मंत्र हीनं, क्रिया हीनं, भक्ति हीनं... परिपूर्णं तदस्तुते।'

क्षमा प्रार्थनासमर्पणमंत्र
दक्षिणामूर्ति साधना

प्राण आहुति के 6 मंत्र क्या हैं?

प्राण आहुति मंत्र: ॐ प्राणाय, अपानाय, व्यानाय, उदानाय, समानाय और ब्रह्मणे स्वाहा हैं।

प्राण आहुतिनैवेद्यभोग
दक्षिणामूर्ति साधना

नैवेद्य शुद्ध करने का मंत्र क्या है?

शुद्धिकरण मंत्र: 'ॐ अपोज्योति रसोमृतं ब्रह्म भूर्भवः सुवरोम्' पढ़कर जल छिड़का जाता है।

नैवेद्यशुद्धिकरणजल
दक्षिणामूर्ति साधना

दक्षिणामूर्ति गायत्री मंत्र क्या है?

गायत्री मंत्र: 'ॐ दक्षिणामूर्तये विद्महे, ध्यानस्थाय धीमहि, तन्नो धीशः प्रचोदयात्॥'

गायत्री मंत्रधीशबुद्धि
दक्षिणामूर्ति साधना

दक्षिणामूर्ति मूल मंत्र क्या है?

मूल मंत्र: 'ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधाम् प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा।' यह बुद्धि और विवेक देता है।

मूल मंत्रमेधाप्रज्ञा
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

१० मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह से संबंधित है और इसका मंत्र क्या है?

१० मुखी रुद्राक्ष दश-दिग्पालों से जुड़ा है और इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं नमः' है।

10 मुखीदिग्पालमंत्र
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

बिना मंत्र और विधान के रुद्राक्ष धारण करने पर क्या चेतावनी दी गई है?

शिव पुराण के अनुसार बिना मंत्र के रुद्राक्ष धारण करने वाला मनुष्य घोर नरक में पड़ता है।

चेतावनीशिव पुराणनरक
शिव शाबर मंत्र

काली विद्या और नकारात्मक बंधन काटने का गोरखनाथ शाबर मंत्र क्या है?

तंत्र बाधा काटने का मंत्र: 'ओम गोरखनाथाय नमः। जो भी काली विद्या मुझ पर करी... वह बंधन वहीं लौटे... ह फट स्वाहा।'

गोरखनाथकाली विद्याबंधन नाश
शिव शाबर मंत्र

दुश्मनों पर जीत पाने का शिव शाबर मंत्र क्या है?

शत्रु नाशक मंत्र: 'ॐ शंकर शंकर काशी के वासी... शत्रु नाशो... न करो तो तो को राजा राम की दुहाई।'

शत्रु नाशोविजयमंत्र
शिव शाबर मंत्र

साधना के दौरान 'शरीर रक्षा मंत्र' (सुरक्षा घेरा) क्या है?

रक्षा मंत्र: 'नमों आदि आदेश गुरू के जय हनुमान वीर महान... मोर शरीर के रक्षा करिबे... जा रे शरीर बँधा जा।'

शरीर रक्षासुरक्षा घेरामंत्र
भूतनाथ मंत्र साधना

भैरव बाबा का ध्यान कैसे करना चाहिए?

भगवान भैरव के तीन नेत्रों और उग्र तेजस्वी स्वरूप का मंत्रों द्वारा हृदय में ध्यान करना चाहिए।

ध्यानभैरवमंत्र
भूतनाथ मंत्र साधना

महाकाल भैरव का मूल बीज मंत्र क्या है?

महाकाल भैरव का मूल बीज मंत्र 'ॐ क्रीं मं महाकाल भैरवाय क्रीं फट् स्वाहा' है।

महाकाल भैरवबीज मंत्रमंत्र
श्री रुद्र-कवच-संहिता

रुद्र कवच के विनियोग में 'बीज' और 'शक्ति' क्या हैं?

विनियोग के अनुसार इस कवच का बीज 'ह्राम्' और शक्ति 'श्रीम्' है।

विनियोगबीजशक्ति
पाशुपत अस्त्र साधना

मूल पाशुपत बीज मंत्र क्या है?

इसका मूल बीज मंत्र 'ॐ श्लीं पशु हुं फट्' है।

बीज मंत्रमंत्रपशु
नियम निषेध

बेलपत्र तोड़ने का सही नियम और मंत्र क्या है?

बेलपत्र सूरज निकलने के बाद ही तोड़ना चाहिए और डाली नहीं तोड़नी चाहिए। तोड़ते समय मंत्र पढ़ना चाहिए: 'अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा...'।

पत्र तोड़नानियममंत्र
पूजन विधान

अनंत सूत्र बांधते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

धागा बांधते समय मंत्र बोलना चाहिए— 'अनन्तसंसारमहासमुद्रे मग्नान् समभ्युद्धर वासुदेव...'। इसका मतलब है: हे वासुदेव, इस संसार रूपी बड़े समुद्र से मुझे बचाइए।

मंत्रवासुदेवप्रार्थना
मंत्र एवं साधना

घनकर्णेश्वर पर कौन-से मंत्र जपने चाहिए?

तीन साधनाएँ — (१) 'ॐ नमः शिवाय' पंचाक्षरी जप, (२) महामृत्युंजय मंत्र, (३) नाद-अनुसंधान — घंटा बजाकर क्षीण होती गूँज पर ध्यान केंद्रित करना। जप उपांशु या मानसिक हो।

घनकर्णेश्वरमंत्रॐ नमः शिवाय
हिंदू पूजा पद्धति

घनकर्णेश्वर महादेव की पूजा विधि और अभिषेक कैसे करें?

पहले घंटाकर्ण हृद में स्नान — फिर ध्यान, आवाहन, पाद्य-अर्घ्य, गोदुग्ध अभिषेक (रुद्र सूक्त सहित), भस्म-बिल्वपत्र, महा-आरती। विशेष — मौन और नाद-श्रवण पर बल, अधिक बोलना वर्जित।

घनकर्णेश्वरपूजा विधिअभिषेक
तंत्र एवं विद्या

गारुड़ी विद्या और सर्पविष नाश का क्या संबंध है?

गारुड़ी विद्या गरुड़ पुराण में वर्णित वह मंत्र-विद्या है जिसके द्वारा गरुड़ की शक्ति का आवाहन करके सर्पविष नष्ट किया जाता है। महर्षि कश्यप इसके प्रसिद्ध ज्ञाता थे। गरुड़ पुराण में इसे स्वयं आयुर्वेद-तंत्र का अंग बताया गया है।

गारुड़ी विद्यासर्पविषगरुड़ पुराण
दैनिक आचरण एवं संस्कार

सूर्य को अर्घ्य देने का सही तरीका

स्नान के बाद ताँबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और लाल पुष्प डालकर, पूर्व दिशा में मुख करके हाथ ऊपर उठाकर जल की धारा गिराएँ। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नमः' मंत्र जपें। जल पैर पर न पड़े।

सूर्य अर्घ्यसूर्य देवजल अर्पण
वेद एवं शास्त्र

वैदिक सूक्त और मंत्र में क्या अंतर है?

मन्त्र वेद की एकल पंक्ति/इकाई है, जबकि सूक्त एक देवता या विषय पर रचित मन्त्रों का पूर्ण समूह है। उदाहरण — पुरुषसूक्त में १६ मन्त्र/ऋचाएँ हैं। सूक्त के चार भेद होते हैं — ऋषि, देवता, छन्द और अर्थ।

सूक्तमंत्रवैदिक साहित्य

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।