मंत्र विधिमूंगा माला से जप करने का क्या विधान है?मूंगा = मंगल ग्रह। जप: मंगल मंत्र, हनुमान, दुर्गा/काली, गणेश। मंगलवार, लाल वस्त्र, 108 मनके। लाभ: मंगल/मांगलिक शांति, रक्त रोग, शक्ति, साहस। असली मूंगा प्रयोग करें। ज्योतिषी परामर्श।#मूंगा#प्रवाल#माला
माला विधिमूंगा माला पहनने के लाभ?मूंगा माला=मंगल। साहस, मंगल दोष, शत्रु नाश। मंगलवार, मेष/वृश्चिक। क्रोधी न पहने।#मूंगा माला#मंगल
दोष निवारणकर्ज उतारने का ऋणमोचन मंगल मंत्रभारी कर्ज उतारने के लिए मंगलवार को लाल वस्त्र पहनकर 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' (मङ्गलो भूमिपुत्रश्च...) का पाठ और मंगल के बीज मंत्र का जप सर्वोत्तम शास्त्रीय उपाय है।#कर्ज मुक्ति#मंगल देव#ऋणमोचन
दोष निवारणकर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचक मंगल मंत्रभारी कर्ज से मुक्ति के लिए मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण कर 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ और मंगल देव के तांत्रिक बीज मंत्र का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।#कर्ज मुक्ति#मंगल देव#ऋणमोचक
तंत्र और आगम शास्त्रों में उपासनामंगल का बीज मंत्र और गायत्री मंत्र क्या है?मंगल बीज मंत्र: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' | मंगल गायत्री: 'ॐ वीरध्वजाय विद्महे, विघ्नहस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात्'#मंगल बीज मंत्र#मंगल गायत्री#वीरध्वजाय
नवग्रहों का देव स्वरूपमंगल देव को 'भूमिपुत्र' क्यों कहते हैं?मंगल देव पृथ्वी देवी के पुत्र हैं इसीलिए 'भूमिपुत्र' कहलाते हैं — इनका ध्यान मंत्र 'धरणी गर्भ संभूतं' से आरंभ होता है।#मंगल देव#भूमिपुत्र#पृथ्वी देवी
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग६ मुखी रुद्राक्ष किस ग्रह दोष को दूर करने के लिए पहना जाता है?६ मुखी रुद्राक्ष शुक्र या मंगल ग्रह के दोषों को दूर करने में सहायक होता है।#6 मुखी#शुक्र#मंगल
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग३ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मुख्य फल क्या बताया गया है?३ मुखी रुद्राक्ष अग्नि का स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ क्लीं नमः' है और यह विद्या प्राप्ति व स्त्री-हत्या पाप नाश में सहायक है।#3 मुखी#अग्नि#मंगल
रामचरितमानस — बालकाण्ड'मंगल करनि कलि मल हरनि तुलसी कथा रघुनाथ की' — इसका अर्थ?रघुनाथजी की कथा = मंगलकारी + कलियुग के पाप नष्ट करने वाली। बालकाण्ड समापन का छन्द। रामकथा ही कलियुग का सबसे बड़ा साधन।#बालकाण्ड#मंगल करनि#रघुनाथ कथा
रामचरितमानस — बालकाण्डविवाह के समय कौन-कौन से वाद्ययन्त्र बजे?अनेक प्रकार के — 'बाजहिं बाजन बिबिध बिधाना' — आकाश में देवताओं के नगाड़े, अप्सराओं का नृत्य-गान, किन्नरों के गीत। पृथ्वी पर शहनाई, ढोल, मंगलवाद्य। 'सकल भुवन भरि रहा उछाहू' — सारे ब्रह्माण्ड में आनन्द।#बालकाण्ड#वाद्य#विवाह
रामचरितमानस — बालकाण्ड'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा' — इसका अर्थ क्या है?अर्थ — चैत्र मास (मधुमास) की नवमी तिथि, मंगलवार (भौम बार) को अयोध्यापुरी (अवधपुरी) में यह चरित्र (रामचरितमानस) प्रकाशित हुआ। यही रामनवमी का दिन है जब भगवान राम का जन्म हुआ था।#बालकाण्ड#रचना तिथि#अयोध्या
वार भेद और फलभौम प्रदोष (मंगलवार) और सौम्यवारा प्रदोष (बुधवार) का क्या महत्व है?#भौम प्रदोष#सौम्यवारा प्रदोष#ऋण मोचन
पंचांग एवं ज्योतिषधनिष्ठा नक्षत्र क्या होता है?धनिष्ठा 27 नक्षत्रों में 23वाँ। मकर 23°20'–कुंभ 6°40'। स्वामी मंगल, देवता अष्टवसु। प्रतीक मृदंग। संगीत-वाहन के लिए अनुकूल, विवाह में मंगल-विचार आवश्यक। जन्म में साहसी, उदार, संगीतप्रेमी।#धनिष्ठा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषचित्रा नक्षत्र क्या होता है?चित्रा 27 नक्षत्रों में चतुर्दश। कन्या 23°20'–तुला 6°40'। स्वामी मंगल, देवता विश्वकर्मा। प्रतीक मोती/रत्न। कला-वास्तु-आभूषण के लिए शुभ। जन्म में आकर्षक, रचनात्मक, शिल्पकुशल।#चित्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिषमृगशिरा नक्षत्र क्या होता है?मृगशिरा 27 नक्षत्रों में पंचम। वृषभ 23°20'–मिथुन 6°40'। स्वामी मंगल, देवता सोम। प्रतीक हिरण-सिर। यात्रा-कला-कृषि के लिए अनुकूल। जन्म में जिज्ञासु, कोमल, बहुमुखी प्रतिभा।#मृगशिरा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
राशि अनुसार उपायवृश्चिक राशि मंगल दोष निवारणवृश्चिक=मंगल। हनुमान चालीसा+सुंदरकांड+मूंगा+कुंभ विवाह। विशेष: महामृत्युंजय+शिव (8वां भाव)। Q887 विस्तार।#वृश्चिक#मंगल#निवारण
राशि अनुसार उपायमेष राशि के लिए शुभ मंत्रमेष=मंगल। "ॐ अं अंगारकाय नमः" 108 (मंगलवार), हनुमान चालीसा (प्रतिदिन=सर्वोत्तम), गायत्री। मूंगा (अनामिका/सोना), 3 मुखी, लाल। हनुमान/कार्तिकेय। लाल दाल/गुड़ दान।#मेष#मंगल#मंत्र
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल शांति मंगलवार उपायमंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।#मंगल#मंगलवार#उपाय
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायकहनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।#मंगलवार#हनुमान#मंगल दोष
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष निवारण पूजाहनुमान चालीसा (प्रतिदिन=पर्याप्त), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड, कुंभ विवाह। मूंगा, 3 मुखी। लाल दान मंगलवार। हनुमान=मंगल देवता।#मंगल दोष#निवारण#पूजा
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष होने पर विवाह में समस्याविवाह बाधा/विलंब/कलह (ज्योतिष)। मांगलिक+मांगलिक=cancel। कुंभ विवाह=समाधान। 40-50% मांगलिक=सामान्य; अत्यधिक भय अनुचित। प्रेम>दोष।#मंगल दोष#विवाह#समस्या
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष क्या है कुंडली में कैसे दिखता हैमंगल 1/2/4/7/8/12 भाव=मांगलिक। ~40-50% कुंडली=मांगलिक (सामान्य)। सब हानिकारक नहीं — भाव/राशि/दृष्टि। मेष/वृश्चिक/मकर=दोष कम। अत्यधिक भय अनुचित।#मंगल दोष#कुंडली#मांगलिक
स्तोत्र एवं पाठमंगल दोष के लिए कौन सा स्तोत्रहनुमान चालीसा (मंगल देवता), 'ॐ अं अंगारकाय नमः', सुंदरकांड (मंगलवार), मंगल स्तोत्र। मूंगा, 3 मुखी। कुंभ विवाह=दोष शांति।#मंगल#दोष#स्तोत्र
स्तोत्र एवं पाठमंगल आरती क्या होती है कैसे करेंदिन की प्रथम आरती; ~4:00-5:30 AM; भगवान को 'जगाना।' शंख→दीपक→आरती→भोग→फूल। घर: प्रातः दीपक+आरती=मंगल आरती।#मंगल आरती#प्रातः#प्रथम
ज्योतिष दोष एवं उपायमंगल दोष क्या है उपायमंगल 1/2/4/7/8/12 भाव = मांगलिक। विवाह बाधा/दांपत्य कलह। उपाय: हनुमान पूजा, 'ॐ अं अंगारकाय नमः', मूंगा, कुंभ विवाह। ~40% कुंडली मांगलिक — सब हानिकारक नहीं। 28 वर्ष बाद कमजोर।#मंगल दोष#मांगलिक#विवाह
दैनिक आचारमंगलवार को लाल रंग पहनने से क्या लाभमंगलवार-लाल = मंगल दोष शमन, साहस/ऊर्जा, हनुमान कृपा, विजय, आत्मविश्वास। हनुमान को लाल प्रिय। मनोविज्ञान: लाल = confidence। ज्योतिष परंपरा।#मंगलवार#लाल#मंगल
वास्तु शास्त्रनए घर में सबसे पहले क्या लेकर प्रवेश करेंनए घर में सबसे पहले: जल कलश (स्वस्तिक सहित), जलता दीपक, अन्न पात्र, पवित्र ग्रंथ और दूध ले जाएं। गाय को पहले प्रवेश कराना सर्वाधिक शुभ है। दाहिने पैर से प्रवेश करें। खाली बर्तन या टूटी वस्तुएं न ले जाएं।#गृह प्रवेश#शुभ सामग्री#परंपरा
संस्कार विधिविवाह में मंगल सूत्र में काले मोती क्यों डालते हैं?काले मोती: बुरी नजर रक्षा (नकारात्मकता शोषक), शनि-राहु शांति, सुहाग रक्षक (दुष्ट शक्ति बचाव), सोना+काला=शुभता+रक्षा। क्षेत्रीय: महाराष्ट्र=वाटी+काला, दक्षिण=थाली, उत्तर=सोना। सम्पूर्ण संतुलन।#मंगलसूत्र#काले मोती#विवाह
ग्रह दोष शांतिमंगल ग्रह शांति के लिए कौन सी पूजा उत्तम है?मंगल शांति उत्तम पूजा: हनुमान पूजा (सर्वश्रेष्ठ) + मंगल शांति हवन (खैर समिधा, 10000 जप) + उज्जैन मंगलनाथ भात पूजा (मांगलिक हेतु) + मंगलवार व्रत + दान (लाल मसूर, गुड़, ताँबा)। हनुमान चालीसा सबसे सरल उपाय।#मंगल ग्रह#मंगल शांति#भौम
दैनिक कर्मनया कार्य शुरू करने से पहले कौन सा मंत्र बोलेंनया कार्य शुरू करने से पहले: गणेश वन्दना — 'वक्रतुण्ड महाकाय... निर्विघ्नं कुरु मे देव'। बीज मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' (11/21 बार)। ज्ञान कार्य हेतु सरस्वती वन्दना। ऋग्वेद: 'ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे'। गणेश प्रथम पूज्य — सभी शुभ कार्य उनकी वन्दना से आरम्भ होते हैं।#शुभारम्भ#गणेश#विघ्न निवारण
रत्न शास्त्रमूंगा रत्न पहनने के लाभ और कैसे पहनें?मूंगा=मंगल। अनामिका, तांबा/चांदी, मंगलवार, 'ॐ अं अंगारकाय नमः'। साहस, मंगल दोष शांति। 21 दिन असर। ज्योतिषी सलाह अनिवार्य।#मूंगा#मंगल#रत्न
ज्योतिषमंगल गायत्री मंत्र का जप मंगल दोष के लिए कैसे करें?'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10,000। मंगलवार, लाल वस्त्र, मूंगा माला। हनुमान पूजा = मंगल शांति। ज्योतिषी से मांगलिक दोष पुष्टि करवाएं।#मंगल#गायत्री#मांगलिक
वार शास्त्रमंगलवार को कौन से काम शुभ?मंगलवार=मंगल+हनुमान। शुभ: हनुमान पूजा, भूमि खरीद, कानूनी, प्रतिस्पर्धा। वर्जित: गृहप्रवेश, विवाह, यात्रा(कुछ)।#मंगलवार#शुभ कार्य#मंगल